परम्पराएँ हैं, मज़ाक नहीं हैं। हिन्दुस्तान में हर परम्परा अपने आप में गहरा अर्थ समेटे होती है। भले उनमें आधुनिकता की थोड़ी सी छोंक लग…
View More संक्रान्ति : 56 भाेग तो ठीक, पर बेटी-दामाद को परोसे 130 या 465 भोग का क्या माजरा है?Category: चहेते पन्ने
70 या 90 नहीं, मैंने तो हफ़्ते में 100 घंटे भी काम किया, मगर उसका ‘हासिल’ क्या?
अभी 70 या 90 घंटों की बात तो भूल जाइए। मैंने हफ़्ते में 100 घंटे भी काम किया है। वह भी लगाताार 6 महीने तक।…
View More 70 या 90 नहीं, मैंने तो हफ़्ते में 100 घंटे भी काम किया, मगर उसका ‘हासिल’ क्या?एआर रहमान की नातेदारी सिर्फ़ ‘संगीत और इबादत’ से, पत्नी क्या इसीलिए दूर हुईं?
“वह किसी रिश्ता नहीं रखते। वह ऐसे शख़्स ही नहीं हैं, जो रिश्ते बनाते हों। वह किसी से खुलकर बात नहीं करते, कम से कम…
View More एआर रहमान की नातेदारी सिर्फ़ ‘संगीत और इबादत’ से, पत्नी क्या इसीलिए दूर हुईं?सिन्धु-लिपि पढ़ने वाले को 8.59 करोड़ का इनाम क्या भाषा-संस्कृति की सेवा के लिए ही है?
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अभी हाल ही में एक अनोखी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि जो भी व्यक्ति या विशेषज्ञ सिन्धु…
View More सिन्धु-लिपि पढ़ने वाले को 8.59 करोड़ का इनाम क्या भाषा-संस्कृति की सेवा के लिए ही है?भोपाल त्रासदी से कारोबारी सबक : नियमों का पालन सिर्फ़ खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए
मध्य प्रदेश सरकार भोपाल के यूनियन कार्बाइड परिसर का जहरीला रासायनिक कचरा ठिकाने लगाने की प्रक्रिया में है। इसके लिए कचरे को भोपाल से इन्दौर…
View More भोपाल त्रासदी से कारोबारी सबक : नियमों का पालन सिर्फ़ खानापूर्ति नहीं होनी चाहिएमहाकुम्भ…,वक़्फ़ की ज़मीन पर! अब बताइए, क्या कहेंगे इस दावे पर?
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में
View More महाकुम्भ…,वक़्फ़ की ज़मीन पर! अब बताइए, क्या कहेंगे इस दावे पर?माने या नहीं, स्मार्ट फोन, मुफ़्त इन्टरनेट और ‘सोशल’ मीडिया ‘अब महामारी’ बन रही है!
पहले चन्द सुर्ख़ियों पर नज़र डालिए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), इन्दौर का एक छात्र था, रोहित। प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। उसके हाथ…
View More माने या नहीं, स्मार्ट फोन, मुफ़्त इन्टरनेट और ‘सोशल’ मीडिया ‘अब महामारी’ बन रही है!धन्य हो सरकार : 40 साल का काम 4 दिन में किया, या 4 दिन के काम में 40 साल लगाए?
काम हुआ आख़िर और अच्छा हुआ। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के माथे पर लगा कलंक धुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई। यहाँ की जिस…
View More धन्य हो सरकार : 40 साल का काम 4 दिन में किया, या 4 दिन के काम में 40 साल लगाए?भगवान के दर्शन भी ‘वीआईपी’ बनकर, तनकर करेंगे, तो सज़ा के रूप में ज़ेब कटेगी ही!
एक और साल ख़त्म होने को है। बस, कुछ घंटे बचे हैं 2024 की विदाई में। इसके बाद 1 जनवरी 2025 की सुबह देश के…
View More भगवान के दर्शन भी ‘वीआईपी’ बनकर, तनकर करेंगे, तो सज़ा के रूप में ज़ेब कटेगी ही!ध्याान रखिए, करियर और बच्चों के भविष्य का विकल्प है, माता-पिता का नहीं!
अपने करियर के साथ-साथ माता-पिता के प्रति ज़िम्मेदारियों को निभाना मुश्क़िल काम है, है न? यह सवाल मेरे ज़ेहन में अभी रविवार को ख़ास तौर…
View More ध्याान रखिए, करियर और बच्चों के भविष्य का विकल्प है, माता-पिता का नहीं!