सोहबत अपना असर दिखाती ही है जनाब। माहौल भी पुरअसर हुआ करता है। अब देखिए न, अभी 20 मई को, शनीचर की रोज़ शहर भोपाल…
View More शहरों में किरदार, किरदारों में शहर रहते हैं, हमने सुना है….Category: चहेते पन्ने
आख़िर क्यों बाज़ार में खड़ी कोई कम्पनी कभी भी, ‘परिवार’ नहीं हो सकती?
इस, 15 मई को ‘परिवारों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ (इंटरनेशनल डे ऑफ फैमिलीज़) मनाया गया। वैसे, इसके अलावा भी एक ‘परिवार दिवस’ यानि ‘फैमिली डे’ मनाया…
View More आख़िर क्यों बाज़ार में खड़ी कोई कम्पनी कभी भी, ‘परिवार’ नहीं हो सकती?जिसने अपने लक्ष्य समझ लिया, उसने जीवन को समझ लिया, पर उस लक्ष्य को समझें कैसे?
जब भी किसी दुविधा में हों या मन खराब हो, तो हमें ध्यान करने की सलाह दी जाती है। ये चलन नया नहीं है, बल्कि…
View More जिसने अपने लक्ष्य समझ लिया, उसने जीवन को समझ लिया, पर उस लक्ष्य को समझें कैसे?हँसी-खुशी का मनोविज्ञान हर मन समझता है, पेड़-पौधों का मन भी और…!
जानते सब हैं। मानते कुछ लोग हैं। और पालन कम लोग ही करते हैं। अच्छी बातों के लिए यह एक सर्वमान्य सा तथ्य है। शायद…
View More हँसी-खुशी का मनोविज्ञान हर मन समझता है, पेड़-पौधों का मन भी और…!तर्क से कुछ भी प्रतिष्ठित नहीं, उत्तम ज्ञान सारे तर्क समाप्त हो जाने पर मिलता है
पहले तीन दिन पुराने दो उदाहरणों का उल्लेख करना बेहतर रहेगा। फिर इस शीर्षक के बारे में बात, जो भारतीय महाकाव्य ‘महाभारत’ के सन्दर्भों से…
View More तर्क से कुछ भी प्रतिष्ठित नहीं, उत्तम ज्ञान सारे तर्क समाप्त हो जाने पर मिलता हैक्या स्कूली बच्चों को पानी पीने तक का अधिकार नहीं?
आज-कल एक अहम खबर सुर्खियाँ बटोर रही है। यह कि पंजाब के फिरोजपुर के सरकारी विद्यालय में रोज़ तीन से चार बार घंटियाँ बजाई जा…
View More क्या स्कूली बच्चों को पानी पीने तक का अधिकार नहीं?देखिएगा, ज़िन्दगी कहीं ‘चेरापूँजी’ तो नहीं हो गई है!
ये जो शीर्षक है, मज़ाकिया नहीं है। गम्भीरता से पूछा गया सवाल है। दरअस्ल, आज 28 अप्रैल को एक अहम ख़बर पढ़ी। मेघालय के चेरापूँजी…
View More देखिएगा, ज़िन्दगी कहीं ‘चेरापूँजी’ तो नहीं हो गई है!भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, दौलत है, शोहरत है, इज्जत है, बस… ख़ुशी नहीं है! क्यों?
साल 2007 की फिल्म है, ‘वैलकम’। हास्य फिल्म है। इसमें नाना पाटेकर एक डायलॉग बोलते हैं, “भगवान का दिया हुआ सब कुछ है। दौलत है,…
View More भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, दौलत है, शोहरत है, इज्जत है, बस… ख़ुशी नहीं है! क्यों?शिवाजी ‘महाराज’ : सूर्यग्रहण समाप्त हुआ, तभी भरी दुपहरी सूरज डूब गया
सम्भाजी राजे से मिलकर महाराज पन्हाला से रायगढ़ आए। अब यह वापसी का सफर था। पिछले 50 वर्षों से यह देह लगातार मुसीबतें झेल रही…
View More शिवाजी ‘महाराज’ : सूर्यग्रहण समाप्त हुआ, तभी भरी दुपहरी सूरज डूब गयाध्यान दीजिएगा… मध्य प्रदेश में गधे कम हो गए हैं और ये तथ्य ख़ारिज़ करने लायक नहीं है!
मामला ‘रोचक-सोचक’ है। देश के एक बड़े अख़बार ने आज 19 अप्रैल को ही ये ख़बर दी है कि मध्य प्रदेश में गधे कम हो…
View More ध्यान दीजिएगा… मध्य प्रदेश में गधे कम हो गए हैं और ये तथ्य ख़ारिज़ करने लायक नहीं है!