साल 2022 में हिन्दुस्तान से क़रीब 6.5 लाख बच्चे पढ़ने के लिए विदेश चले गए। यह संख्या बहुत जल्द 10 लाख या उससे भी ज़्यादा…
View More सरकार रोकने का बन्दोबस्त कर रही है, मगर पढ़ने को विदेश जाने वाले बच्चे रुकेंगे क्या?Category: चहेते पन्ने
वाल्मीकि रामायण में ‘जोड़ा गया उत्तरकाण्ड’, जो एक बार लगता है जैसे ‘रावणकाण्ड’ हो!
बालकाण्ड की रामकथा के लिए वाल्मीकीय रामायण से इतर एक बना-बनाया ढाँचा उपलब्ध है। तुलसी का रामचरितमानस तो है ही, अनगिनत देशी-विदेशी राम-कथाओं में भी…
View More वाल्मीकि रामायण में ‘जोड़ा गया उत्तरकाण्ड’, जो एक बार लगता है जैसे ‘रावणकाण्ड’ हो!बेटी के नाम पाँचवीं पाती : तुम्हारे साथ बीता हर पल सुनहरा है
प्रिय मुनिया तुम्हें यह पाँचवीं पाती लिखते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। क्योंकि तुम्हारे लाड़-प्यार की चाशनी में डूबे ये आधे-अधूरे अल्फाज़ शायद…
View More बेटी के नाम पाँचवीं पाती : तुम्हारे साथ बीता हर पल सुनहरा हैयदि ‘मन-माटी’ पुराने क्लासिकल शैली में विशद् रूप से लिखा जाता तो…
अभी हाल ही में असग़र वजाहत जी का उपन्यास ‘मन-माटी’ पढ़ा। विभाजन और विस्थापन का गंगा-जमनी दस्तावेज़ है ‘मन-माटी’। मज़हब की बुनियाद पर बने देश के…
View More यदि ‘मन-माटी’ पुराने क्लासिकल शैली में विशद् रूप से लिखा जाता तो…क्या वाल्मीकि रामायण के साथ छेड़-छाड़ करने वालों ने श्रीराम की छवि को भी खंडित किया?
राम और वाल्मीकि की समकालीनता (प्रक्षिप्त) उत्तरकाण्ड में पुन: प्रतिष्ठित होती है। इस सन्दर्भ में उत्तरकाण्ड के सर्ग-45, 49, 65, 66, 71, 72, 93, 94,…
View More क्या वाल्मीकि रामायण के साथ छेड़-छाड़ करने वालों ने श्रीराम की छवि को भी खंडित किया?महात्मा मृत्यु से परे होते हैं…
हिन्दुस्तान ही नहीं, दुनियाभर के लोग आज, 30 जनवरी की तारीख़ को इसलिए याद करते हैं क्योंकि इस दिन महात्मा गाँधी को गोली मारी गई…
View More महात्मा मृत्यु से परे होते हैं…नाम में बहुत कुछ रखा है!
जिसने भी कहा, पूरी तरह ठीक नहीं कहा कि ‘नाम में क्या रखा है’। सच तो ये है कि ‘नाम में बहुत कुछ रखा है’।…
View More नाम में बहुत कुछ रखा है!ये टालमटोल का मामला भी दिलचस्प है, कभी सोचा है कैसे?
अभी कुछ दिन पहले ही एक अध्ययन रिपोर्ट निगाहों से गुजरी। स्वीडन के स्टॉकहोम विश्वविद्यालय में यह अध्ययन हुआ है। इसका नतीज़ा ये कि टालमटोल…
View More ये टालमटोल का मामला भी दिलचस्प है, कभी सोचा है कैसे?तुलसी पर ब्राह्मणवादी होने का आरोप क्यों निराधार है?
तुलसी के रामचरितमानस की सामान्यजन और अभिजन दोनों में अपूर्व लोकप्रियता का रहस्य सम्भवत: लोक-जीवन, लोक-मन और लोक-संवेदना में तुलसी की गहरी पैठ है। उन्होंने…
View More तुलसी पर ब्राह्मणवादी होने का आरोप क्यों निराधार है?हिन्दुस्तान में अंग्रेजी अनिवार्य है क्या?
बड़ा मौज़ूँ सा सवाल है। अक्सर ज़ेहन में आया करता है कि हिन्दुस्तान में अंग्रेजी अनिवार्य है क्या? ये नाहक ही नहीं आया है। दरअस्ल,…
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