‘दीवाली’ सुनने में कितना मिठास भरा शब्द है न? दीवाली एक ऐसा त्योहार है, जिसे मनाने के लिए किसी धर्म की जरूरत नहीं। इस देश…
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आवारा की डायरी-3 : रिश्ते का मैलापन इश्किया बारिश में धोकर वे आगे बढ़ गए
अनन्या के हाथ ने जैसे ही अनन्य को छुआ उसे अपने जीवन के पहले प्रेम प्रसंग की याद आ गई, जिसे उसने जवानी की दहलीज…
View More आवारा की डायरी-3 : रिश्ते का मैलापन इश्किया बारिश में धोकर वे आगे बढ़ गएचीन ने यूट्यूब, अमेजॉन, जैसे सॉफ्टवेयर बना लिए, भारत नही बना पाया, क्योंकि…!
चीन ने ‘बाइडू’ बना लिया क्योंकि वहाँ की सरकार ने गूगल को अनुमति नहीं दी। चीन ने ‘अलीबाबा’ बनाया, क्योंकि वहाँ की सरकार ने अमेजॉन…
View More चीन ने यूट्यूब, अमेजॉन, जैसे सॉफ्टवेयर बना लिए, भारत नही बना पाया, क्योंकि…!हे सखी, मैं भी मनुष्यता की ओर बढ़ने के लिए स्त्रीत्व पाना चाहता हूँ!
हे सखी तुम्हें यह पत्र लिखते हुए मैं सिर्फ तुम्हें नहीं अपितु संसार की समस्त नारी शक्ति को ही सम्बोधित कर रहा हूँ, क्योंकि स्त्री…
View More हे सखी, मैं भी मनुष्यता की ओर बढ़ने के लिए स्त्रीत्व पाना चाहता हूँ!दूषित कफ सीरप से 22 मासूमों की मौत के बाद क्या अब बंद आँखें खुलेंगी?
मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई 22 मासूम बच्चों की मौतों ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि भारत में गरीब परिवार कितने…
View More दूषित कफ सीरप से 22 मासूमों की मौत के बाद क्या अब बंद आँखें खुलेंगी?करवा चौथ को न तो केवल रूढ़िवादिता समझें और न इसे सिर्फ दिखावे का त्योहार बनाएँ!
भारतीय संस्कृति का एक लोकप्रिय पर्व है करवा चौथ। इसकी परम्परा प्रेम और समर्पण से जुड़ी है, लेकिन आधुनिक समाज में यह त्योहार समानता और…
View More करवा चौथ को न तो केवल रूढ़िवादिता समझें और न इसे सिर्फ दिखावे का त्योहार बनाएँ!करीब 2,500 साल पुरानी चाणक्य की सोच और सबक आज भी प्रासंगिक कैसे है?
क्या कभी किसी ने हमें-आपको बताया कि सिकन्दर को भारत की सीमा के भीतर अपने आधिपत्य का विस्तार करने से वास्तव में चाणक्य ने रोका…
View More करीब 2,500 साल पुरानी चाणक्य की सोच और सबक आज भी प्रासंगिक कैसे है?सांसद मेधाताई कुलकर्णी, जिनके पास सच कहने का साहस है और सलीका भी!
राजनेताओं को मैं आमतौर पर बहुत पसन्द नहीं करता, लेकिन आज मैं यहाँ एक ‘छोटी’ राजनेता की प्रशंसा में लिख रहा हूँ। पिछले 75 वर्षों…
View More सांसद मेधाताई कुलकर्णी, जिनके पास सच कहने का साहस है और सलीका भी!जीएसटी ‘भूल-सुधार उत्सव’ : श्रेय किसको, राहुल गाँधी या बिहार चुनाव?
केन्द्र सरकार के आर्थिक सलाहकारों को आखिरकार समझदारी का परिचय देते हुए जनता की आवाज सुनने पर मजबूर होना पड़ा है। इसी के तहत, उन्होंने…
View More जीएसटी ‘भूल-सुधार उत्सव’ : श्रेय किसको, राहुल गाँधी या बिहार चुनाव?आरएसएस के 100 वर्ष : अगर वाकई महात्मा गाँधी की हत्या में संघ का हाथ होता तो….!
आज, विजयादशमी से 100 वर्ष पूर्व डॉक्टर केशव बलीराम हेडगेवार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना की थी। आज संघ 101वें वर्ष में…
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