‘जेन-अल्फा’ यानि जेनरेशन-अल्फा मतलब साल 2010 के बाद पैदा हुए बच्चे। ये एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जो इससे पहले की किसी…
View More ‘जेन-अल्फा’ वाले बच्चों को अनुरूप तरीके से कैसे पालें? ये कुछ सुझाव हैंCategory: चहेते पन्ने
हिन्दी दिवस याद दिलाता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि…!
भारत में भाषाओं और बोलियों की बहुत विविधता है। भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि यह हमारी पहचान, संस्कृति और समाज से जुड़ने का…
View More हिन्दी दिवस याद दिलाता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि…!हिन्दी और भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की राह में यही ‘खण्डित मानसिकता’ बड़ी रुकावट है!
पिछले सप्ताह बहुत से सरकारी संस्थान, जिनमें कई केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भी शामिल रहे, ‘संस्कृत महोत्सव’ मना रहे थे। जबकि कल 14 सितम्बर है, और…
View More हिन्दी और भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की राह में यही ‘खण्डित मानसिकता’ बड़ी रुकावट है!डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं, लेकिन उन्होंने ‘देहावसान’ को सहज स्वीकार किया है!
मुम्बई के केईएम (किंग एडवर्ड्स मेमोरियल) अस्पताल में शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) विभाग की प्रमुख रहीं डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं। पहले ही वाक्य में…
View More डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं, लेकिन उन्होंने ‘देहावसान’ को सहज स्वीकार किया है!बंगाल फाइल्स : मेरे लिए भारतीय इतिहास की किताब का एक और अनछुआ पन्ना!
मैं अपने ही देश के इतिहास के बारे में फिल्मों से जान रहा हूँ। सच कहता हूँ! मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि (इतिहास…
View More बंगाल फाइल्स : मेरे लिए भारतीय इतिहास की किताब का एक और अनछुआ पन्ना!संकीर्णता और पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर इतिहास लेखन की प्रवृत्ति रुकनी चाहिए अब!
इतिहास की प्रकृति पूर्णतया निर्मम और निर्मोही होती है। लेकिन यह हम मनुष्यों के अधिकार में तो होता ही है कि इतिहास का तथ्य, उसका…
View More संकीर्णता और पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर इतिहास लेखन की प्रवृत्ति रुकनी चाहिए अब!अपशब्दों के प्रयाेग से लोकतंत्र की गरिमा को चोट पहुँचती है, राजनेता इसे क्यों नहीं समझते?
भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं की भाषा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इसका प्रमाण है, बिहार विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान देश के प्रधानमंत्री…
View More अपशब्दों के प्रयाेग से लोकतंत्र की गरिमा को चोट पहुँचती है, राजनेता इसे क्यों नहीं समझते?इन शिक्षकों के लिए बच्चों के जीवन का मोल 50 रुपए के बराबर!! बधाई…,शिक्षक दिवस की!
हर साल की तरह इस बार भी पाँच सितम्बर को ‘शिक्षक दिवस’ मना लिया गया। बधाईयाँ दीं और ली गईं। लेकिन शिक्षा और शिक्षित होने…
View More इन शिक्षकों के लिए बच्चों के जीवन का मोल 50 रुपए के बराबर!! बधाई…,शिक्षक दिवस की!पहाड़ो से नीचे आकर मैदानों में तबाही ला रही आपदा प्राकृतिक नहीं, मानव निर्मित है!
अचानक कहीं बादल फटे और पहाड़ाें से बाढ़ की सूरत में पानी ओर मिट्टी ने नीचे आकर बस्तियों की बस्तियाँ, गाँव के गाँव तबाह कर…
View More पहाड़ो से नीचे आकर मैदानों में तबाही ला रही आपदा प्राकृतिक नहीं, मानव निर्मित है!आज एआई और मशीन लर्निंग के दौर में संस्कृत भाषा फिर से चर्चा में क्यों है?
आज जब विश्व अगले चरण की औद्योगिक क्रान्ति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग के दौर में प्रवेश कर चुका है, तब संस्कृत के महत्त्व…
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