वैष्णवी द्विवेदी छह साल की उम्र से नृत्य सीख रही हैं।
टीम डायरी, भोपाल, मध्य प्रदेश से
आम तौर पर लोग परम्पराओं में आधुनिकता का घाल-मेल किया करते हैं। लेकिन भोपाल की भरतनाट्यम-प्रशिक्षु वैष्णवी द्विवेदी ने स्व-प्रेरणा से ही आधुनिक कंपोजीशन ‘स्वल्ला’ में परम्परागत भरतनाट्यम के ‘जतिस्वरम्’ के कुछ हिस्सों का मेल तैयार किया है। इस मेल-मिलाप से यह रचना तैयार हुई है। इसके बाद इसे उन्होंने वॉट्सएप के ज़रिए #अपनीडिजिटलडायरी को भेजा।
वैष्णवी के प्रयास को प्रोत्साहित करने, उसे सार्थकता देने के मक़सद से इसे डायरी के पन्नों पर जगह दी गई। इस अपेक्षा के साथ कि देखने वालों को यह प्रयास पसन्द आएगा। वैष्णवी भोपाल की नृत्य गुरु श्रीमति लता सिंह मुंशी जी से भरतनाट्यम का प्रशिक्षण ले रही हैं।
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