तस्वीर साभार
टीम डायरी
आज, 19 जनवरी को ‘ओशो’ यानि आचार्य रजनीश की पुण्यतिथि हो गई। साल 1990 में इसी तारीख़ को उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे में अपनी देह छोड़ी थी। हालाँकि वे अपने समर्थकों के मन-मस्तिष्क में अब भी जगह बनाए हुए हैं। इसका सबसे अहम कारण है, उनके विचार। विभिन्न विषयों पर वे बेबाक विचारों और उनके प्रसार के लिए ही दुनियाभर में जाने जाते थे। इन्हीं विषयों में एक जीवन-मृत्यु का विषय भी है।
इस बाबत छोटा सा एक वीडियो है, ‘ओशो’ का। महज़ डेढ़-पौने दो मिनट का। इसमें उन्होंने इस विषय में जो कहा है, सुनने लायक है। वैसे तो हमेशा यह विषय और उस पर ‘ओशो’ के विचार प्रासंगिक से ही बन पड़े हैं। पर आज उनकी पुण्यतिथि पर इन्हें विशेष रूप से सुना जा सकता है। सुनिएगा, अच्छा लगेगा। कुछ अच्छा ही मिलेगा।
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