प्रतीकात्मक तस्वीर
टीम डायरी
अलग समस्या का समाधान अलबेले तरीक़े से होता है। यह साबित किया है कि बेंगलुरू में रहने वाली एक लड़की ने। इनका नाम है नैना। वे अभी हाल में बेंगलुरू में किराए का घर ढूँढ रहीं थीं। शहर के डोमलूर इलाक़े में उन्हें पसन्दीदा घर मिल भी गया। उसमें पहले से रह रहे किराएदार के साथ उन्हें रहना था। उन्होंने उस किराएदार से फोन पर बातचीत की। फिर घर देखने गईं। सब पसन्द आया तो अपना सामान वहाँ लाने ही वाली थीं कि साथी किराएदार ने उन्हें अपने साथ रखने से मना कर दिया। और कारण क्या बताया? नैना अभी उनके साथ रहने के लिए बहुत छोटी हैं। महज 20 बरस की हैं वह। अब वह क्या करतीं? अपनी उम्र तो वह बढ़ा नहीं सकती थीं।
लिहाज़ा, उन्होंने अपनी सोच बढ़ाई। यानी जिसे अंग्रेजी में ‘आउट ऑफ बॉक्स’ अर्थात् एकदम अलबेला तरीक़ा कह सकते हैं, वह अपनाया। उन्होंने एक पावर प्वाइन्ट प्रजेन्टेशन (पीपीटी) बनाया। उसमें अपने वे तमाम गुण बताए कि कैसे वे किसी भी अन्य किराएदार के साथ फ्लैट में रहने के लिए एकदम उपयुक्त हैं। मसलन- वे जल्दी सोती-जागती हैं। शराब-सिगरेट नहीं पीतीं। किसी की निजता में दखल नहीं देतीं। देर रात घर नहीं लौटतीं, आदि। फिर उन्होंने इसका वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया के लोकप्रिय मंच ‘एक्स’ पर साझा कर दिया।
यह वीडियो नीचे दिया गया है, देखा जा सकता है।
यह वीडियो अभी तीन दिन पहले, 26 नवम्बर को उन्होंने साझा किया और अब इसे मीडिया तथा सोशल मीडिया के तमाम मंचों पर हाथों-हाथ लिया जा रहा है। सिर्फ़ इतना ही नहीं, अलग समस्या के अलबेले समाधान के अलहदा तरीक़े के कारण उन्हें बेंगलुरू में रहने के लिए घर भी मिल गया। इसकी पुष्टि ख़ुद उन्होंने की है। यहाँ बताते चलें कि बेंगलुरू में नैना रनक्लब नाम का संगठन भी चलाती है। इस संगठन का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य और चुस्ती-तन्दुरुस्ती के प्रति जागरूक करना है। वे पेशे से डिजाइनर हैं। बेंगलुरू में ही नौकरी करती हैंं।
बहरहाल, उनके इस तरीक़े से समस्या हल करने पर क्या कहना चाहेंगे?
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