अब यातायात नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं, ‘मशीनी बुद्धि’ वाला हैलमेट आ गया है

टीम डायरी

अब सड़कों पर यातायात नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं। मतलब दोपहिया वाहन में हैलमेट लगाए बिना, या कार में सीट बैल्ट बाँधे बिना चले, या फिर लाल बत्ती को अनदेखा करने की कोशिश की, अथवा ऐसी ही कोई अन्य हरकत की तो कानूनी कार्रवाई तय मानिए। अलबत्ता, सवाल यह हो सकता कि भला लगातार 24 किसी को यह सब करते हुए देखेगा कौन? पुलिस को बुलाएगा कौन? पुलिस को 24 घण्टे कहीं रहती नहीं, तो उस जानकारी देगा कौन? इन सभी प्रश्नों एक ही जवाब है- ‘मशीनी बुद्धि’ (एआई) वाला हैलमेट।

हाँ, बेंगलुरू के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने ‘मशीनी बुद्धि’ वाला हैलमेट बनाया  है। यह हैलमेट राह चलते यातायात के नियम तोड़ने वाले राहगीरों की तस्वीरें खींचता है। फिर उनकी गाड़ी के नम्बर सहित उन तस्वीरों को नजदीकी पुलिस नियंत्रण कक्ष में भेज देता है। इस हैलमेट का कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू की सड़कों पर परीक्षण हो चुका है। पुलिस भी इसकी मुरीद हो गई है। बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त ने खुद इस हैलमेट के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए इसे बनाने वाले सम्पर्क किया है। प्रमाण नीचे दिया है।  

इस हैलमेट को बनाने वाले का नाम पंकज तँवर है। उन्होंने भी सोशल मीडिया के जरिए इस बारे में जानकारी साझा की है। मीडिया में भी समाचार सुर्खियों में है, जिसके मुताबिक पंकज ने यातायात नियमों का लगातार उल्लंघन करने वालों से तंग आकर इस कारनामे को अंजाम दिया है। इसके बाद से उनकी चौतरफा प्रशंसा की जा रही है। बेंगलुरू में रहने वाले एक कनाडाई नागरिक सैलेब फ्रीसन ने तो यहाँ तक कहा है, “भारत में अधिकांश लोग यातायात के नियमों को नहीं मानते। उनका पालन नहीं करते। यातायात पुलिस निष्प्रभावी है। सार्वजनिक स्थलों पर कैमरे कहीं-कहीं ही दिखते हैं। ऐसे में ‘मशीनी बुद्धि’ वाले हैलमेट की सख्त जरूरत है। यह हैलमेट यदि सामान्य उपयोग में आया तो भारत 2030 तक यातायात नियम मानने के मामले में जापान को पीछे छोड़ देगा।”  

तो है न ‘रोचक-सोचक’ और ‘सरोकार’ वाली बात?

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Neelesh Dwivedi

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