सांकेतिक तस्वीर
नीचे दिया गया वीडियो देखिएगा। एक साथ कितना कुछ दिखाता और बताता है। यह दिखाता है कि कोई डॉक्टर बस, पाँच मिनट के भीतर एक ज़िस्म में जान कैसे फूँक सकता है। कोई डॉक्टर अगर हार मानने को तैयार न हो तो क्या हो सकता है। और यह बताता भी है कि डॉक्टर को भगवान क्यों कहा जाता है।
इस वीडियो में एक आध्यात्मिक सन्देश भी है। सनातन धर्म की पुस्तकों में ऐसा बताया गया है कि बड़े-बड़े देवता, यक्ष, गन्धर्व, आदि भी मृत्युलोक अर्थात् इस धरती पर जन्म लेने से घबराते हैं। क्यों? क्योंकि पहले तो उन्हें महीनों तक माँ की कोख में आड़े-तिरछे पड़े रहना होता है। वहाँ शरीर के भीतर पाए जाने वाले हर तरह के तत्त्वों से जूझना होता है। फिर कोख से बाहर निकलने के लिए भारी तक़लीफ़ उठानी होती है। इतनी कि कई बार साँसें तक रुक जाती हैं। और फिर अगर किसी तरह साँसें चल भी पड़ीं या चला दी गईं तो संघर्षों का नया सिलसिला शुरू हो जाता है।
सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर यह वीडियो डॉक्टर गुड़िया के नाम से बनाए गए एक अकाउंट से साझा किया गया है। वीडियो कहाँ का है, किस अस्पताल का है, पता नहीं। लेकिन डॉक्टर गुड़िया की प्रोफाइल पर यह ज़रूर उल्लेख है कि उनका ताल्लुक़ कानपुर, उत्तर प्रदेश से है।
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