भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को इस बात के लिए श्रेय दिया जाता है कि उन्होंने अपने खिलाड़ियों के भीतर हमेशा जीत के लिए खेलने का जज़्बा फूँका।
टीम डायरी
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली नेतृत्त्व कौशल की एक बेहद अहम विशिष्टता बता रहे हैं। नीचे उनका वीडियो दिया गया है। यह देखने से ज़्यादा, सुनने और समझने लायक है। बहुत बड़ा नहीं है। बस, छह मिनट से कुछ सेकेंड ज़्यादा है। लेकिन इसमें जो सबक है, वह बहुत बड़ा है।
भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज रहे वीरेन्द्र सहवाग के साथ अपने एक अनुभव को इस साक्षात्कार के दौरान साझा करते हुए सौरव गांगुली मानते हैं कि उस घटना से उन्होंने ख़ुद उस दिन सबक लिया। सबक यह कि टीम के खिलाड़ी अगर सही रास्ते पर हैं, सही और अपेक्षित नतीज़े दे रहे हैं तो कप्तान को उन्हें टोकना नहीं चाहिए। उन पर अपनी राय नहीं थोपनी चाहिए। उन्हें उनका काम करने देना चाहिए।
ग़ौर कीजिए, क्षेत्र कोई भी हो। टीम और उसके कप्तान के लिए यह सबक हर कहीं काम का साबित हो सकता है।
मैं बेंगलुरू में जहाँ रहता हूँ, वहाँ अपने घर के सामने रोज इस तरह का… Read More
लिंक्डइन के जरिए नौकरी का जाल बिछाकर, रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को काम… Read More
देश की एक जानी-मानी ‘पत्रकार’ ने ऑनलाइन पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए कह दिया कि… Read More
अभी एक-दो दिन से मीडिया-सोशल मीडिया में यह बहस चल रही है कि हम भारतीयों… Read More
एक नया अध्ययन हुआ है। इसमें भारत और उसके आस-पास के देशों में लगातार बढ़ती… Read More
खुशी पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। ज्यादातर लोग अमूमन बड़ी से बड़ी नौकरी… Read More