प्रतीकात्मक तस्वीर
टीम डायरी
आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है। दुनियाभर में सेहत सम्बन्धी बातें हो रही हैं। सो, ख्याल आया कि डायरी पर भी इस मसले पर बात कर ली जाए। तो, सेहत सम्बन्धी बातों में एक ‘रोचक-सोचक’ सी बात होती है अक्सर ‘मॉडरेट ड्रिंकिंग’ की। इसे सीधे शब्दों में कहें तो 25, 50 ग्राम अल्कोहल यानि शराब पीने की। खूब पढ़े-लिखे और सम्भ्रान्त क़िस्म के लोग भी अक्सर दलील दिया करते हैं कि ‘मॉडरेट ड्रिंकिंग’ से सेहत को कोई नुक़सान नहीं होता। बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमन्द ही है। और अपने इस तर्क के पीछे वे तमाम शोध अध्ययनों आदि का हवाला दे दिया करते हैं। पढ़ा-लिखा तबका अपने तर्कों से अपनी हर बात को सही सिद्ध कर ही दिया करता है।
हालाँकि अब उनकी इस धारणा को तोड़ने वाला, ग़लत साबित करने वाला पहलू सामने आया है। इसे शायद ही कोई अपनी तर्कशक्ति से ग़लत साबित कर सके। अमेरिका के सबसे बड़े अख़बारों में शुमार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है। इसमें बीते 40 सालों के दौरान हुए अध्ययनों का विश्लेषण कर कुछ निष्कर्ष हासिल किए गए हैं। बताया गया है कि 100 से अधिक तादाद वाले ये अध्ययन दुनियाभर में 50 लाख से ज्यादा लोगों पर किए गए हैं। इनके मिले-जुले नतीजे चौंकाने वाले ही नहीं, भ्रान्तियों को तोड़ने वाले साबित हुए हैं।
इन नतीज़ों के मुताबिक, अगर कोई महिला 25 ग्राम, ग़ौर कीजिए सिर्फ 25 ग्राम, अल्कोहल ही रोज लेती है, तो शराब-सेवन की वजह से उसकी मृत्यु की सम्भावनाएँ कई गुणा बढ़ जाती हैं। मृत्यु का ऐसा ही जोख़िम उन पुरुषों के लिए भी होता है, जो रोज 45 ग्राम अल्कोहल का सेवन करते हैं। या दिनभर में दो-तीन पैग लगा लिया करते हैं। और ये मान लेते हैं कि इससे उनकी सेहत पर ख़राब नहीं, बल्कि अच्छा ही असर हाेने वाला है।
सो अब मृत्यु का जोख़िम कैसे होता है, ये भी समझ लीजिए। इन्हीं निष्कर्षों की मानें तो कम मात्रा में पी गई शराब भी धीरे-धीरे शरीर के भीतरी हिस्सों को नुक़सान पहुँचाया करती है। क्योंकि इससे ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से बढ़ जाता है। दिल की धड़कनें अक्सर कभी बहुत तेज हो जाती हैं या कभी बहुत धीमी। स्तन में, आहार नली में, गर्दन में कैंसर की सम्भावनाएँ बन जाती हैं, बढ़ जाती हैं। और इन में से किसी का भी नतीज़ा? सब जानते ही हैं।
लिहाज़ा, सच में अगर सेहत की परवा करते हैं, तो भ्रान्तियों से, ग़लतफ़हमियों से बाहर आइए। शराब से दूरी बनाइए। और ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ के मौके पर सही मायने में अपनी सेहत को बेहतर करने का संकल्प लीजिए।
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