Pehalgam

पहलगाम आतंकी हमला : मेरी माँ-बहन बच गईं, लेकिन मैं शायद आतंकियों के सामने होता!

पहलगाम में जब 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ, तब मेरी माँ और बहन वहीं थीं। जहाँ पर्यटकों को मारा गया, वहाँ से महज़ एक…

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fire

सुनो सखी…, मैं अब मरना चाहता हूँ, मुझे तुम्हारे प्रेम से मुक्ति चाहिए

एक ‘आवारा’ ख़त, छूट गई या छोड़ गई प्रियतमा के नाम! सुनो सखी मैं इतने वर्षों बाद तुम्हें कुछ लिख रहा हूँ। शायद इसे पढ़ते…

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Terrorist

वास्तव में पहलगाम आतंकी हमले का असल जिम्मेदार है कौन?

पहलगाम की खूबसूरत वादियों के नजारे देखने आए यात्रियों पर नृशंसता से गोलीबारी कर कत्लेआम किया गया है। इसमें 26 लोगों को जानें गईं। लेकिन…

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Writing Pad

चिट्ठी, गुमशुदा भाई के नाम : यार, तुम आ क्यों नहीं जाते, कभी-किसी गली-कूचे से निकलकर?

प्रिय दादा मेरे भाई तुम्हें घर छोड़कर गए लगभग तीन दशक गुजर गए हैं, लेकिन तुम्हारी याद के छींटे कभी- कभी सुख-चैन में तेजाब की…

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Pehalgam Terrorist

पहलगााम आतंकी हमला : इस आतंक के ख़ात्मे के लिए तुम हथियार कब उठाओगे?

उसने पूछा- क्या धर्म है तुम्हारा?मेरे मुँह से निकला- राम-राम और गोली चल गई।मैं मर चुका हूँ अब, मगर इसका मतलब ये नहीं कि तुम…

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Pahalgam-Attack

पहलगाम आतंकी हमला : कायराना धर्मनिरपेक्षता का लबादा उतार फेंकिए अब!

लोग कह रहे हैं कि यह, पहलगाम का आतंकी हमला कश्मीरियत को बदनाम करने की कोशिश है। इसमें पहली बात कि अगर यह भारतीयता न…

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western media biased

हँसिए…,क्योंकि पश्चिम के मीडिया को लगता है कि मुग़लों से पहले भारत में कुछ था ही नहीं!

लगता है, पश्चिम का मीडिया चुनिन्दा चीज़ों को भूल जाने की बीमारी की शिकार है। हिन्दी में यह बीमारी ‘स्मृति-लोप’ कहलाती है, जिसमें कोई याददाश्त…

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Baba Saheb-Bhopal

बाबा साहेब से प्रेम और तिरंगे की मर्यादा…, सब दो दिन में ही भुला दिया!! क्यों भाई?

यह वीडियो मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है। देखिए गौर से, और सोचिए। शहर के व्यस्ततम इलाक़े- बोर्ड ऑफिस चौराहे पर संविधान निर्माता बाबा…

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Mahavir Jayanti, Bhagwan Mahavir

भगवान महावीर के ‘अपरिग्रह’ सिद्धान्त ने मुझे हमेशा राह दिखाई, सबको दिखा सकता है

आज, 10 अप्रैल को भगवान महावीर की जयन्ती मनाई गई। उनके सिद्धान्तों में से एक ‘अपरिग्रह’ का सिद्धान्त बहुत अहम है। इसका मतलब होता है…

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dipak; daughter

बेटी के नाम आठवीं पाती : तुम्हें जीवन की पाठशाला का पहला कदम मुबारक हो बिटवा

प्रिय मुनिया मेरी जान, मैं तुम्हें यह पत्र तब लिख रहा हूँ, जब तुमने पहली बार अपने नन्हें कदम पाठशाला की ओर रखे हैं। तुम्हें…

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