कल रात मोबाइल स्क्रॉल करते हुए मुझे Garden Spells का एक वाक्यांश मिला, you are who you are, whether you like it or not, so…
View More जो हम हैं, वही बने रहें, उसे ही पसन्द करने लगें… दुनिया के फ़रेब से ख़ुद बाहर आ जाएँगे!Author: From Visitor
‘ग़ैरमुस्लिमों के लिए अन्यायपूर्ण वक़्फ़’ में कानूनी संशोधन कितना सुधार लाएगा?
भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव उतार पर है। इसके बाद आशंका है कि वक़्फ़ संशोधन अधिनियम के ख़िलाफ़ फिर देश के भीतर धीरे-धीरे विरोध के सुर…
View More ‘ग़ैरमुस्लिमों के लिए अन्यायपूर्ण वक़्फ़’ में कानूनी संशोधन कितना सुधार लाएगा?‘मदर्स डे’ माँ घर की कच्ची रसोई में अक्सर, सिर्फ भोजन नहीं प्रेम पकाती है!
माँ घर की कच्ची रसोई में अक्सरसिर्फ भोजन नहीं प्रेम पकाती है। स्नेह की धीमी आँच पर बड़े लाड़के साथ वह पकवान बनाती है। उसके…
View More ‘मदर्स डे’ माँ घर की कच्ची रसोई में अक्सर, सिर्फ भोजन नहीं प्रेम पकाती है!कितना अच्छा होता कि…, दुनिया में कोई जंग ना होती
कितना अच्छा होता कि कोई उम्मीद अधूरी न होती किसी के बदल जाने से तक़लीफ़ न होती दुनिया में कोई जंग न होती न ये…
View More कितना अच्छा होता कि…, दुनिया में कोई जंग ना होती‘मदर्स डे’ : ये जो मैं थोड़ा सा इंसान हो सका हूँ, सब अम्मा का ही करम है!
अम्मा नहीं जानतीं, ‘मदर्स डे’ क्या बला है! उन्हें तो बस चूल्हा-चौकी और गृहस्थी के खबार से ही फुर्सत नहीं है। उन्होंने पढ़ने की उम्र…
View More ‘मदर्स डे’ : ये जो मैं थोड़ा सा इंसान हो सका हूँ, सब अम्मा का ही करम है!बेटी के नाम नौवीं पाती : मुझमें और अधिक मनुष्यता भरने के लिए शुक्रिया मेरी गिलहरी
प्रिय मुनिया मेरी लाडो! मैं तुम्हें यह पत्र तब लिख रहा हूँ, जब लगभग माहभर के लिए स्कूल जाने के बाद तुम्हारी छुट्टियाँ शुरू हो…
View More बेटी के नाम नौवीं पाती : मुझमें और अधिक मनुष्यता भरने के लिए शुक्रिया मेरी गिलहरीऑपरेशन सिन्दूर : आतंकी ठिकानों पर ‘हमले अच्छे हैं’, लेकिन प्रतिशोध अधूरा है अभी!
‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के तहत पूर्वी पंजाब में इस्लामवादी दरिन्दों के ठिकानों पर हमला महत्त्वपूर्ण और उपयोगी है। लेकिन भारतीय नीति चिन्तन के आलोक में यह…
View More ऑपरेशन सिन्दूर : आतंकी ठिकानों पर ‘हमले अच्छे हैं’, लेकिन प्रतिशोध अधूरा है अभी!मेरे प्यारे गाँव, शहर की सड़क के पिघलते डामर से चिपकी चली आई तुम्हारी याद
मेरे प्यारे गाँव मैने पहले भी तुम्हें लिखा था कि तुम रूह में धँसी हुई कील हो। मेरी आत्मा का हाहाकार हो। प्यारे, तुम्हारी याद…
View More मेरे प्यारे गाँव, शहर की सड़क के पिघलते डामर से चिपकी चली आई तुम्हारी याद‘हाउस अरेस्ट’ : समानता की इच्छा ने उसे विकृत कर दिया है और उसको पता भी नहीं!
व्यक्ति के सन्दर्भ में विचार और व्यवहार के स्तर पर समानता की सोच स्वयं में अधूरी है। व्यावहारिक तौर पर व्यक्तियों में समानता सम्भव नहीं।…
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इन्दौर में मेरे एक मित्र हैं। व्यवसायी हैं। लेकिन वह अपना व्यवसाय बन्द करना चाहते हैं। क्यों? इसलिए उन्हें अपने व्यवसाय के लिए कुशल और…
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