एक वैष्णव अथवा तो साधक की साधना का अनुशीलन -आरम्भ आनुगत्य से होता है, परिणति सर्वभावेन शरणागति अर्थात् पूरी तरह शरण में जाने से होती…
View More ‘आज्ञा सम न सुसाहिब सेवा’ यानि बड़ों की आज्ञा मानना ही उनकी सबसे बड़ी सेवा है!Author: From Visitor
कभी-कभी व्यक्ति का सिर्फ़ नज़रिया देखकर भी उससे काम ले लेना चाहिए!
कभी-कभी व्यक्ति का सिर्फ़ नज़रिया देखकर भी उससे काम ले लेना चाहिए! यह मैं अपने जीवन के सच्चे अनुभव से कह रहा हूँ। मैंने कुछ…
View More कभी-कभी व्यक्ति का सिर्फ़ नज़रिया देखकर भी उससे काम ले लेना चाहिए!मेरे जीवन का उद्देश्य क्या? मैंने सोचा तो मुझे मिला!
मैने खुद से सवाल किया कि मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है? मैं अपने जीवन में हासिल क्या करना चाहती हूँ? मेरे मुताबिक, ये ऐसे…
View More मेरे जीवन का उद्देश्य क्या? मैंने सोचा तो मुझे मिला!एक कविता…. “मैं लिखूँगा और लिखता रहूँगा”
मैं लिखूँगा और लिखता रहूँगा। खुद ही खुद से पूरा रीत जाने तक मैं लिखता रहूँगा। मेरी जिन्दगी की स्याही की आख़िरी बूँद सूख जाने…
View More एक कविता…. “मैं लिखूँगा और लिखता रहूँगा”क्यों भारत को अब अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लाना ही होगा?
उम्मीद करता हूँ कि भारत को जल्दी ही यह एहसास हो जाए कि हमें अब अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ज़रूरत है? ख़ासकर इस तथ्य…
View More क्यों भारत को अब अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लाना ही होगा?मेरे प्यारे गाँव! मैं अपनी चिता भस्म से तुम्हारी बूढ़ी काया का श्रृंगार करूँगा
मेरे प्यारे गाँव तुम्हारी सौंधी मिट्टी की सुगन्ध से गुँथा हुआ तुम्हारा पत्र मिला। तुम्हारा हर शब्द मेरी आत्मा के चिथड़ जाने का गवाह है।…
View More मेरे प्यारे गाँव! मैं अपनी चिता भस्म से तुम्हारी बूढ़ी काया का श्रृंगार करूँगाकोशिश तो खूब कर रहे हैं, मगर अमेरिका को ‘ग्रेट’ कितना बना पा रहे हैं ट्रम्प?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगभग वह सब कर रहे हैं, जो उनसे अपेक्षित था। लेकिन वे वहीं तक रुक नहीं रहे। वह सबसे खराब…
View More कोशिश तो खूब कर रहे हैं, मगर अमेरिका को ‘ग्रेट’ कितना बना पा रहे हैं ट्रम्प?गाँव की दूसरी चिठ्ठी : रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ…!!
मेरे प्यारे बाशिन्दे, मैं तुम्हें यह पत्र लिखते हुए थोड़ा सा भी खुश नहीं हो पा रहा हूँ कि इस बार मेरी अमराई (आम का…
View More गाँव की दूसरी चिठ्ठी : रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ…!!ट्रम्प की दोस्ती का अनुभव क्या मोदीजी को नई सोच की ओर प्रेरित करेगा?
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ चलाए गए भारत के ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ का नाटकीय ढंग से पटाक्षेप हो गया। इसके साथ ही यह घटनाक्रम उभरते भारत के लिए…
View More ट्रम्प की दोस्ती का अनुभव क्या मोदीजी को नई सोच की ओर प्रेरित करेगा?ईमानदारी से व्यापार नहीं किया जा सकता, इस बात में कितनी सच्चाई है?
अगर आप ईमानदार हैं, तो आप कुछ बेच नहीं सकते। क़रीब 20 साल पहले जब मैं अमेरिका में था, तब मेरे एक दोस्त ने मुझसे यह…
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