नैसर्गिक और स्वस्थ जीवन सरल और सुलभ है। बिना किसी प्रयास के यह सहज उपलब्ध है। पशु, पक्षी, कीट-पतंगे, जलचर, वृक्ष-वनस्पति सभी जीवन को सहज…
View More स्वस्थ जीवन को लेकर विज्ञान की दृष्टि अपूर्ण, इसमें सुधार जरूरीAuthor: From Visitor
होली की शुभकामना का एक सन्देश यह भी- रंग प्रेम है, तो संग राधा और जीवन कृष्ण!
होली पर #अपनीडिजिटलडायरी को मिले शुभकामना सन्देशों में एक बेहद ख़ास रहा है। #अपनीडिजिटलडायरी के साथ निरन्तरता से जुड़े सतना मध्य प्रदेश के दीपक गौतम…
View More होली की शुभकामना का एक सन्देश यह भी- रंग प्रेम है, तो संग राधा और जीवन कृष्ण!सरल नैसर्गिक जीवन मतलब अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी!
मानव एक समग्र घटक है। विकास क्रम में हम आज जिस पायदान पर हैं, उसमें अन्य प्राकृतिक सहयोगियों की भूमिका जितनी अहम है, उसको हम…
View More सरल नैसर्गिक जीवन मतलब अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी!कुछ और सोचिए नेताजी, भाषा-क्षेत्र-जाति की सियासत 21वीं सदी में चलेगी नहीं!
देश की राजनीति में इन दिनों काफ़ी-कुछ दिलचस्प चल रहा है। जागरूक नागरिकों के लिए ये सभी घटनाक्रम ‘रोचक-सोचक’ हैं और ‘सरोकार’ से जुड़े हुए…
View More कुछ और सोचिए नेताजी, भाषा-क्षेत्र-जाति की सियासत 21वीं सदी में चलेगी नहीं!सवाल है कि 21वीं सदी में भारत को भारतीय मूल्यों के साथ कौन लेकर जाएगा?
विश्व-व्यवस्था एक अमूर्त संकल्पना है और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले घटनाक्रम ठोस जमीनी वास्तविकता होेते हैं। विश्व-व्यवस्था में हो रहे परिवर्तनों को लेकर जो…
View More सवाल है कि 21वीं सदी में भारत को भारतीय मूल्यों के साथ कौन लेकर जाएगा?महिला दिवस : ये ‘दिवस’ मनाने की परम्परा क्यों अविकसित मानसिकता की परिचायक है?
अपनी जड़ों से कटा समाज असंगत और अविकसित होता है। भारतीय समाज इसी तरह का उदाहरण है। उसके पास अपना इतिहास है, लेकिन उससे सीखने…
View More महिला दिवस : ये ‘दिवस’ मनाने की परम्परा क्यों अविकसित मानसिकता की परिचायक है?यू्क्रेन-रूस युद्ध का पटाक्षेप कैसे विश्व इतिहास का अप्रत्याशित मोड़ बनने वाला है?
अभी हम जिस सन्धिकाल से गुजर रहे हैं, वह कुछ इतना अलग है कि उसको समझने के लिए हमारे पास उचित शब्द, युक्तियाँ और वैचारिक…
View More यू्क्रेन-रूस युद्ध का पटाक्षेप कैसे विश्व इतिहास का अप्रत्याशित मोड़ बनने वाला है?अमेरिका में कितने वेतन की उम्मीद करते हैं? 14,000 रुपए! हम गलतियों से ऐसे ही सीखते हैं!
अभी एक दिन पहले की ही बात है। अपने दोस्त के साथ मैंने अपना एक पुराना मज़ेदार क़िस्सा साझा किया और फिर हम दोनों ख़ूब…
View More अमेरिका में कितने वेतन की उम्मीद करते हैं? 14,000 रुपए! हम गलतियों से ऐसे ही सीखते हैं!साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य क्या वाकई असम्भव है? या फिर कैसे सम्भव है?
किसी महात्वाकांक्षी लक्ष्य को पटरी उतारने या हतोत्साहित करने का सबसे बढ़िया है, उस पर सवाल खड़ा कर दिया जाए। जैसे…. 1 – “इसे प्राप्त…
View More साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य क्या वाकई असम्भव है? या फिर कैसे सम्भव है?इंसान इतना कमज़ोर कैसे हो रहा है कि इस आसानी से अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर ले?
अगर हमसे कोई सवाल करे कि हमारी ज़िन्दगी की कीमत क्या है? तो शायद ही इसका कोई ज़वाब हमारा पास होगा। क्योंकि जीवन एक वरदान…
View More इंसान इतना कमज़ोर कैसे हो रहा है कि इस आसानी से अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर ले?