बाहर बारिश हो रही थी। पानी के साथ ओले भी गिर रहे थे। सूरज अस्त होने वाला था। उसकी लालिमा ने धरती को लाल कर…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह रो रहा था क्योंकि उसे पता था कि वह पाप कर रहा है!Author: From Visitor
तो जी के क्या करेंगे… इसीलिए हम आत्महत्या रोकने वाली ‘टूलकिट’ बना रहे हैं!
तनाव के उन क्षणों में वे लोग भी आत्महत्या कर लेते हैं, जिनके पास शान, शौक़त, रुतबा पैसा, इज़्ज़त, सब है। इनमें से कोई भी…
View More तो जी के क्या करेंगे… इसीलिए हम आत्महत्या रोकने वाली ‘टूलकिट’ बना रहे हैं!हिन्दी दिवस : छोटी सी बच्ची, छोटा सा वीडियो, छोटी सी कविता, बड़ा सा सन्देश…, सुनिए!
छोटी सी बच्ची, छोटा सा वीडियो, छोटी सी कविता, लेकिन बड़ा सा सन्देश… हम सब मिलकर हिन्दी का अब मान बढ़ाएँ। आज, हिन्दी दिवस (14…
View More हिन्दी दिवस : छोटी सी बच्ची, छोटा सा वीडियो, छोटी सी कविता, बड़ा सा सन्देश…, सुनिए!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : पछतावा…, हमारे बच्चे में इसका अंश भी नहीं होना चाहिए
उसका शरीर अकड़ गया था। ऐसा लगता था जैसे उसने कोई पत्थर निगल लिया हो। “तारा तुझे दिखता नहीं क्या? मुझे उसे बचाना चाहिए था।…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : पछतावा…, हमारे बच्चे में इसका अंश भी नहीं होना चाहिएआत्महत्या रोकथाम दिवस : ‘स्थिर’, ‘राही’, ‘पुष्पांजलि’…, अपनी डिजिटल डायरी!
दुनियाभर में हर साल 10 सितम्बर को ‘आत्महत्या रोकथाम दिवस’ मनाते हैं। इस बार भी मनाया जा रहा है। इस तरह के आयोजनों का मक़सद…
View More आत्महत्या रोकथाम दिवस : ‘स्थिर’, ‘राही’, ‘पुष्पांजलि’…, अपनी डिजिटल डायरी!#अपनीडिजिटलडायरी के 4 साल : प्रयास 3 लोगों से शुरू, पहुँच 24,000 लोगों तक!
हमारी, आपकी #अपनीडिजिटलडायरी को आज ऋषि पंचमी के दिन चार साल हो गए। #अपनीडिजिटलडायरी की सालगिरह इस तिथि को ही क्यों मनाई जाती है, इसका…
View More #अपनीडिजिटलडायरी के 4 साल : प्रयास 3 लोगों से शुरू, पहुँच 24,000 लोगों तक!अपनी भाषा पर गर्व कीजिए, देखिए, ‘एक टीचर’ के लिए हमारे पास कितने शब्द हें!
दुनियाभर में अंग्रेजी की लोकप्रियता का बड़ा कारण क्या है, जानते हैं? इस भाषा का शब्दकोष अन्य भाषाओं की तुलना में बहुत सीमित है। यानि…
View More अपनी भाषा पर गर्व कीजिए, देखिए, ‘एक टीचर’ के लिए हमारे पास कितने शब्द हें!‘शिक्षक दिवस’, ‘शिक्षक’ और स्कूली बच्चियों का बवाल! सोचिए, मर्यादा क्यों टूट रही है?
‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह बहुत ताकतवर है… क्या ताकतवर है?… पछतावा!
तारा कई घंटों से नकुल के साथ प्यार की पींगें बढ़ा रही थी। लेकिन उसकी तमाम कोशिशों का नकुल पर मानो कोई असर ही नहीं…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह बहुत ताकतवर है… क्या ताकतवर है?… पछतावा!कर्मचारियों से काम लेते हुए थोड़ा लचीलापन तो हर कम्पनी को रखना चाहिए, बशर्ते…
बीते 10 दिनों में घर से काम करने की सुविधा से मुझे बहुत मदद मिली। इससे मैं दफ़्तर का कामकाज़ तो निपटाता ही रहा, घर…
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