डर गुस्से की तरह नहीं होता। यह अलग-अलग चरणों में आता है, जिन्हें गिना नहीं जा सकता। डर को सन्दूक में बन्द नहीं कर सकते।…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: डर गुस्से की तरह नहीं होता, यह अलग-अलग चरणों में आता है!Author: From Visitor
ज़िन्दगी में कुछ अनुभव हमें विनम्र बना जाते हैं, बताता हूँ कैसे…पढ़िएगा!
ज़िन्दगी में कुछ अनुभव हमें विनम्र बना जाते हैं, बताता हूँ कैसे…पढ़िएगा! मैं बस से बद्रीनाथ धाम से ऋषिकेश लौट रहा था। क़रीब 10 घंटे…
View More ज़िन्दगी में कुछ अनुभव हमें विनम्र बना जाते हैं, बताता हूँ कैसे…पढ़िएगा!वैदिक यज्ञ परम्परा में पशु यज्ञ का वास्तविक स्वरूप कैसा है?
श्रृंखला की पिछली कड़ी और कड़ियों में हमने देखा कि सनातन वैदिक धर्म में श्रौत परम्परा अपरिहार्य क्यो (पिछली कड़ियों के शीर्षक उनकी लिंक्स के…
View More वैदिक यज्ञ परम्परा में पशु यज्ञ का वास्तविक स्वरूप कैसा है?क्या अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की ओर ले जाना चाहते हैं?
…और ऐसी गैरज़िम्मेदाराना करतूत पर कोई भी कुछ कहने को तैयार नहीं। हाँ, अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्राध्यक्ष जो बाइडेन ने यूक्रेन को लम्बी दूरी की…
View More क्या अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन दुनिया को तीसरे विश्वयुद्ध की ओर ले जाना चाहते हैं?‘मायावी अम्बा और शैतान’: आखिरी अंजाम तक, क्या मतलब है तुम्हारा?
सामने से हो रही गोलीबारी का जवाब देने के लिए जैसे ही अंबा ने अपनी बंदूक का घोड़ा दबाया उसके कंधे में जोर का झटका…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: आखिरी अंजाम तक, क्या मतलब है तुम्हारा?भारत सिर्फ़ अंग्रेजी ही नहीं बोलता!
भारत सिर्फ़ अंग्रेजी ही नहीं बोलता! किसी के भी पास सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में संवाद और संचार की एक ही भाषा होती है- अंग्रेजी।…
View More भारत सिर्फ़ अंग्रेजी ही नहीं बोलता!चन्द पैसों के अपनों का खून… क्या ये शर्म से डूब मरने की बात नहीं है?
ज़िन्दगी को बेहतर बनाने के लिए यक़ीनन पैसा ज़रूरी है, लेकिन सिर्फ़ और सिर्फ़ पैसा ही ज़रूरी नहीं है। इंसान को जीने के लिए समाज,…
View More चन्द पैसों के अपनों का खून… क्या ये शर्म से डूब मरने की बात नहीं है?सनातन वैदिक धर्म में श्रौत परम्परा अपरिहार्य क्यों है?
प्राय: आस्तिक लोग वेदों की सर्वोच्चता को स्वीकार करते हैं, लेकिन इस स्वीकृति के क्या मायने होते हैं, यह जानने-समझने का उपाय किसी के पास…
View More सनातन वैदिक धर्म में श्रौत परम्परा अपरिहार्य क्यों है?‘मायावी अम्बा और शैतान’: जंगल में महज किसी की मौत से कहानी खत्म नहीं होती!
अंबा ने ध्यान से देखा तो नकुल को करीब 20 मीटर दूर उसकी बंदूक पर सिर झुकाकर चुपचाप बैठे हुए पाया। तभी बम का कोई…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: जंगल में महज किसी की मौत से कहानी खत्म नहीं होती!Dream of Digital India : A cashless India is the first step towards
“In a world that’s rapidly evolving, India is taking giant strides towards a future that’s cashless, contactless, and convenient. Today, I’ll delve into the transformative…
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