(लेखक विषय की गम्भीरता और अपने ज्ञानाभास की सीमा से अनभिज्ञ नहीं है। वह न तो वैदिक या शास्त्रीय परम्परा का अभ्यासी है और न…
View More सनातन धर्म क्या है?Author: From Visitor
वे ‘देवदूत’ की तरह आते हैं, मदद करते हैं और अपने काम में लग जाते हैं!
हम अपने नित्य व्यवहार में बहुत व्यक्तियों से मिलते हैं। जिनके प्रति हमारे विचार प्राय: सकारात्मक नहीं हो पाते। हम सड़कों पर चलते-फिरते या कहीं…
View More वे ‘देवदूत’ की तरह आते हैं, मदद करते हैं और अपने काम में लग जाते हैं!‘मायावी अम्बा और शैतान’: मैं उसे ऐसे छोड़कर नहीं जा सकता, वह मुझसे प्यार करता था!
अंबा को यूँ सामने देखकर तनु बाकर के होश उड़ गए। अंबा जिस तरह से उसे घूर रही थी, उससे साफ था कि उसे गहरा…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: मैं उसे ऐसे छोड़कर नहीं जा सकता, वह मुझसे प्यार करता था!भारत को एआई के मामले में पिछलग्गू नहीं रहना है, दुनिया की अगुवाई करनी है
“भारत को बुद्धिमत्ता (कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानि एआई) के आयात के लिए अपनी जानकारियों (डेटा) का निर्यात नहीं करना चाहिए। बल्कि भारत को अपना स्वयं का…
View More भारत को एआई के मामले में पिछलग्गू नहीं रहना है, दुनिया की अगुवाई करनी हैसम्पदायों के भीड़तंत्र में आख़िर सनातन कहाँ है?
‘सनातन’ शब्द आजकल के बोलचाल में काफी ज्यादा प्रचलित हो गया है। यह इतना व्यापक हो गया है कि जो व्यक्ति अब्राहिमी यानी इस्लामिक, यहूदी,…
View More सम्पदायों के भीड़तंत्र में आख़िर सनातन कहाँ है?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस वासना को तुम प्यार कहते हो? मुझे भी जानवर बना दिया तुमने!
खुद को सँभालने के लिए अंबा ने अपनी दोनों बाँहें शरीर के इर्द-गिर्द लपेट लीं। उसे उम्मीद नहीं थी कि कभी इस तरह भी कोई…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस वासना को तुम प्यार कहते हो? मुझे भी जानवर बना दिया तुमने!भगवद् गीता पढ़िए, किसी और मोटिवेटर की ज़रूरत नहीं पड़ेगी
मोटिवेशन यानि प्रेरणा तीन चीजों से आती है। सम्बन्ध, समझ और संसाधन। ये तीनों चीजें एक साथ चाहिए होती हैं। ऐसा नहीं होता कि इसमें…
View More भगवद् गीता पढ़िए, किसी और मोटिवेटर की ज़रूरत नहीं पड़ेगीदीवाली की छुट्टी में नया काम नहीं क्योंकि हमने ‘अपने त्योहार’ की भावना का आदर किया
अभी कल ही हमने दीवाली की छुटि्टयों से पहले का अपना आखिरी उत्पाद (सॉफ्टवेयर, आदि) बनाया। इसके बाद दीवाली छुटि्टयाँ बीतने तक हम अब कोई…
View More दीवाली की छुट्टी में नया काम नहीं क्योंकि हमने ‘अपने त्योहार’ की भावना का आदर किया‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस घिनौने रहस्य से परदा हटते ही उसकी आँखें फटी रह गईं
तभी अचानक किसी पेड़ की शाख के चटकने की आवाज से वह चौंक गई। वह ठिठकी और उसका दायाँ हाथ कमर के बेल्ट से बँधी…
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एक समय क्रिकेट ही मेरा जीवन था। हम लोग अपने दौर में शहर की सबसे अच्छी टीम के सदस्य हुआ करते थे। हमने उस दौरान…
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