क्रिया-प्रतिक्रिया के सहज सिद्धान्त के आगे कई बार सभी चीजे़ बेमानी हो जाती हैं। देश में लगता है, इन दिनों यही हो रहा है। पहले…
View More पक्ष में खड़े होंगे तो विपक्ष के हमले भी झेलने ही पड़ेंगे, फिर चाहे कुणाल हों या शंकर!Author: Neelesh Dwivedi
खुशी दूसरों की मदद करने से मिलती है, तो क्या हम भारतीय किसी की मदद नहीं करते?
अभी शुक्रवार, 21 मार्च को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक कार्यक्रम हुआ। उसका नाम था, ‘हैप्पीनेस सेमिनार’। इसमें कुछ नामी चिकित्सक भी आए।…
View More खुशी दूसरों की मदद करने से मिलती है, तो क्या हम भारतीय किसी की मदद नहीं करते?देखिए, भावनाएँ पक्षियों और जानवरों में भी होती हैं और वे व्यक्त भी करते हैं!
अक्सर हम जानवरों, पक्षियों, आदि को बेज़ुबान कह देते हैं। यह मान लेते हैं कि उनमें बुद्धि नहीं होती। समझ नहीं होती। भावनाएँ और संवेदनाएँ…
View More देखिए, भावनाएँ पक्षियों और जानवरों में भी होती हैं और वे व्यक्त भी करते हैं!‘तमिल सरकार’ बताए- हिन्दी से रुपए कमाने में दिक्कत नहीं तो हिन्दी में ‘₹’ लिखने में क्यों है?
तमिलनाडु की ‘तमिल सरकार’ अज़ीब सियासी खेल में उलझ गई है। हाँ, ‘तमिल सरकार’, क्योंकि तमिलनाडु की मौज़ूदा सरकार पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्त्व नहीं करती।…
View More ‘तमिल सरकार’ बताए- हिन्दी से रुपए कमाने में दिक्कत नहीं तो हिन्दी में ‘₹’ लिखने में क्यों है?रिमोट, मोबाइल, सब हमारे हाथ में…, ख़राब कन्टेन्ट पर ख़ुद प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगाते?
अभी गुरुवार, 6 मार्च को जाने-माने अभिनेता पंकज कपूर भोपाल आए। यहाँ शुक्रवार, 7 मार्च को रवीन्द्र भवन में हुए नाटक ‘दोपहरी’ में उन्होंने मुख्य…
View More रिमोट, मोबाइल, सब हमारे हाथ में…, ख़राब कन्टेन्ट पर ख़ुद प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगाते?ध्यान दीजिए और समझिए.., कर्नाटक में कलाकारों के नट-बोल्ट कसेगी सरकार अब!
कला, साहित्य, संगीत, आदि के क्षेत्र में सक्रिय लोगों को समाज में सम्मान की निग़ाह से देखा जाता है। क्यों? क्योंकि वे बरसों-बरस की साधना…
View More ध्यान दीजिए और समझिए.., कर्नाटक में कलाकारों के नट-बोल्ट कसेगी सरकार अब!विश्व वन्यजीव दिवस : शिकारियों के ‘सक्रिय’ दल, मध्य प्रदेश की जंगल-फौज ‘पैदल’!
“घने जंगलों में निगरानी के लिहाज़ से ‘पैदल’ गश्त सबसे अच्छी होती है। इसलिए मध्य प्रदेश में हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारी जंगल-फ़ौज के…
View More विश्व वन्यजीव दिवस : शिकारियों के ‘सक्रिय’ दल, मध्य प्रदेश की जंगल-फौज ‘पैदल’!जाल में जेलेंस्की, मगर ज़िम्मेदार कौन? और अब अगला कौन?
विश्व के सबसे शक्तिशाली और समृद्ध देश अमेरिका के राष्ट्रपति भवन से इसी 28 फरवरी, शुक्रवार को पूरी दुनिया ने एक विचित्र नज़ारा देखा। वहाँ…
View More जाल में जेलेंस्की, मगर ज़िम्मेदार कौन? और अब अगला कौन?गाने वाली घड़ी कहानी ‘प्रहर’ का अगला पड़ाव अब रंग-ओ-अदब की महफ़िल पटना में
‘गाने वाली घड़ी की कहानी-प्रहर’ का सफ़र जारी है। ‘भोपाल साहित्य उत्सव’ के दौरान भारत भवन से हुई शुरुआत के बाद बेंगलुरू में 16 फरवरी…
View More गाने वाली घड़ी कहानी ‘प्रहर’ का अगला पड़ाव अब रंग-ओ-अदब की महफ़िल पटना में‘बढ़िया छत्तीसगढ़िया’ कहानी : मैं तुलसी यूट्यूब के आँगन की, सब कुछ हूँ मैं तेरे साजन की!
साल 1978 में एक फिल्म आई थी, ‘मैं तुलसी तेरे आँगन की’। उसमें इन्हीं शब्दों के साथ एक गीत था, “मैं तुलसी तेरे आँगन की।…
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