‘थ्री इडियट’ फिल्म के फुंगशुक वाँगड़ू तो सबको याद होंगे ही। अस्ल ज़िन्दगी में इस फिल्मी किरदार का नाम है, सोनम वाँगचुक। लद्दाख में रहते…
View More ‘थ्री इडियट’ के फुंगशुक वाँगड़ू यानी सोनम वाँगचुक भूख-हड़ताल कर रहे हैं, ताकि ‘विकास-लीला’ से लद्दाख बच जाएAuthor: Neelesh Dwivedi
क्या वाल्मीकि रामायण के साथ छेड़-छाड़ करने वालों ने श्रीराम की छवि को भी खंडित किया?
राम और वाल्मीकि की समकालीनता (प्रक्षिप्त) उत्तरकाण्ड में पुन: प्रतिष्ठित होती है। इस सन्दर्भ में उत्तरकाण्ड के सर्ग-45, 49, 65, 66, 71, 72, 93, 94,…
View More क्या वाल्मीकि रामायण के साथ छेड़-छाड़ करने वालों ने श्रीराम की छवि को भी खंडित किया?महात्मा मृत्यु से परे होते हैं…
हिन्दुस्तान ही नहीं, दुनियाभर के लोग आज, 30 जनवरी की तारीख़ को इसलिए याद करते हैं क्योंकि इस दिन महात्मा गाँधी को गोली मारी गई…
View More महात्मा मृत्यु से परे होते हैं…जानकारों ने बताया- प्रबन्धन के क्षेत्र में योग कितना प्रासंगिक है
मानव जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान योग से सम्भव है। आज के शोध कहते हैं कि योग हमें और हमारे जीवन को ही केवल…
View More जानकारों ने बताया- प्रबन्धन के क्षेत्र में योग कितना प्रासंगिक हैक्या भगवान राम के समकालीन थे महर्षि वाल्मीकि?
इस विषय की पिछली पोस्ट (भाग-चार) में वाल्मीकीय रामायण के युद्धकाण्ड के अन्तिम सर्ग (128) में फलश्रुति (ग्रन्थ के माहात्म्य) का ज़िक्र आया था। इस…
View More क्या भगवान राम के समकालीन थे महर्षि वाल्मीकि?नाम में बहुत कुछ रखा है!
जिसने भी कहा, पूरी तरह ठीक नहीं कहा कि ‘नाम में क्या रखा है’। सच तो ये है कि ‘नाम में बहुत कुछ रखा है’।…
View More नाम में बहुत कुछ रखा है!क्या वाल्मीकीय रामायण में बालकाण्ड और उत्तरकाण्ड बाद में कभी जोड़े गए?
वाल्मीकीय रामायण के मूल स्वरूप के निर्धारण में प्रक्षिप्त की पहचान के लिए सामान्यत: संस्कृत के ऐसे प्रकाण्ड विद्वान की ज़रूरत होनी चाहिए जो भाषाविज्ञान…
View More क्या वाल्मीकीय रामायण में बालकाण्ड और उत्तरकाण्ड बाद में कभी जोड़े गए?ये टालमटोल का मामला भी दिलचस्प है, कभी सोचा है कैसे?
अभी कुछ दिन पहले ही एक अध्ययन रिपोर्ट निगाहों से गुजरी। स्वीडन के स्टॉकहोम विश्वविद्यालय में यह अध्ययन हुआ है। इसका नतीज़ा ये कि टालमटोल…
View More ये टालमटोल का मामला भी दिलचस्प है, कभी सोचा है कैसे?‘प्रबंधन के क्षेत्र में योग की प्रासंगिकता’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
भारत प्रज्ञाप्रतिष्ठान #अपनीडिजिटलडायरी के सहयोग से ‘प्रबंधन के क्षेत्र में योग की प्रासंगिकता’ विषय पर दिनांक 29/01/2023 , रविवार, सायं 6:00 से 7:45 के बीच…
View More ‘प्रबंधन के क्षेत्र में योग की प्रासंगिकता’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठीतुलसी पर ब्राह्मणवादी होने का आरोप क्यों निराधार है?
तुलसी के रामचरितमानस की सामान्यजन और अभिजन दोनों में अपूर्व लोकप्रियता का रहस्य सम्भवत: लोक-जीवन, लोक-मन और लोक-संवेदना में तुलसी की गहरी पैठ है। उन्होंने…
View More तुलसी पर ब्राह्मणवादी होने का आरोप क्यों निराधार है?