ख़ुशनसीब होते हैं वे लोग, जिन्हें उनकी मोहब्बत नसीब होती है, लेकिन उनसे ज्यादा ख़ुशनसीब वे प्रेमी होते हैं, जिन्हें उनकी मोहब्बत कभी नहीं मिल…
View More ….देखो, मरना मत, कोशिश करना कि किसी और के मुक़म्मल इश्क़ की कहानी में तुम्हारा भी किरदार चमकेAuthor: Neelesh Dwivedi
एक वक़्त में कई काम करना अच्छा ही होता है, ऐसा मानना सही नहीं
एक वक़्त में कई काम करना अच्छी बात है, ऐसा बहुत से लोग सोचते हैं। कई लोग तो करते भी हैं। कान में मोबाइल लगा…
View More एक वक़्त में कई काम करना अच्छा ही होता है, ऐसा मानना सही नहींजम्मू-कश्मीर की धरती ने हिन्दुस्तान की उम्मीदों को लीथियम के पंख दिए हैं!
जम्मू-कश्मीर। हिन्दुस्तान का वह सूबा, जहाँ से कुछ वक़्त पहले तक बारूद का गर्द-ओ-गुबार उड़ा करता था, अब धीरे-धीरे अपनी नई पहचान पा रहा है।…
View More जम्मू-कश्मीर की धरती ने हिन्दुस्तान की उम्मीदों को लीथियम के पंख दिए हैं!सरकार रोकने का बन्दोबस्त कर रही है, मगर पढ़ने को विदेश जाने वाले बच्चे रुकेंगे क्या?
साल 2022 में हिन्दुस्तान से क़रीब 6.5 लाख बच्चे पढ़ने के लिए विदेश चले गए। यह संख्या बहुत जल्द 10 लाख या उससे भी ज़्यादा…
View More सरकार रोकने का बन्दोबस्त कर रही है, मगर पढ़ने को विदेश जाने वाले बच्चे रुकेंगे क्या?वाल्मीकि-रामायण में पहले पाँच ही काण्ड थे, अयोध्याकाण्ड से युद्धकाण्ड तक!
मूल वाल्मीकीय रामायण में “रामायण” के शब्दार्थ “राम की यात्रा” के अनुरूप बालकाण्ड और उत्तरकाण्ड की प्रक्षिप्तता की स्थापना करनेवाले विद्वानों में वासुदेव शरण अग्रवाल…
View More वाल्मीकि-रामायण में पहले पाँच ही काण्ड थे, अयोध्याकाण्ड से युद्धकाण्ड तक!वाल्मीकि रामायण में ‘जोड़ा गया उत्तरकाण्ड’, जो एक बार लगता है जैसे ‘रावणकाण्ड’ हो!
बालकाण्ड की रामकथा के लिए वाल्मीकीय रामायण से इतर एक बना-बनाया ढाँचा उपलब्ध है। तुलसी का रामचरितमानस तो है ही, अनगिनत देशी-विदेशी राम-कथाओं में भी…
View More वाल्मीकि रामायण में ‘जोड़ा गया उत्तरकाण्ड’, जो एक बार लगता है जैसे ‘रावणकाण्ड’ हो!यह वाल्मीकि रामायण का बालकाण्ड है या विश्वामित्र-काण्ड?
वाल्मीकीय रामायण में बालकाण्ड और उत्तरकाण्ड के प्रक्षिप्त होने के मुद्दे पर विशेषज्ञ विद्वानों की शरण में जाने से पहले थोड़ा समय देकर इन काण्डों…
View More यह वाल्मीकि रामायण का बालकाण्ड है या विश्वामित्र-काण्ड?बेटी के नाम पाँचवीं पाती : तुम्हारे साथ बीता हर पल सुनहरा है
प्रिय मुनिया तुम्हें यह पाँचवीं पाती लिखते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। क्योंकि तुम्हारे लाड़-प्यार की चाशनी में डूबे ये आधे-अधूरे अल्फाज़ शायद…
View More बेटी के नाम पाँचवीं पाती : तुम्हारे साथ बीता हर पल सुनहरा हैयदि ‘मन-माटी’ पुराने क्लासिकल शैली में विशद् रूप से लिखा जाता तो…
अभी हाल ही में असग़र वजाहत जी का उपन्यास ‘मन-माटी’ पढ़ा। विभाजन और विस्थापन का गंगा-जमनी दस्तावेज़ है ‘मन-माटी’। मज़हब की बुनियाद पर बने देश के…
View More यदि ‘मन-माटी’ पुराने क्लासिकल शैली में विशद् रूप से लिखा जाता तो…आख़िर क्यों महर्षि वाल्मीकि को भगवान राम का समकालीन मानने के लिए ठोस आधार नहीं है?
पूर्व में बालकाण्ड और उत्तरकाण्ड के जिन प्रसंगों का उल्लेख किया गया, वही वाल्मीकि और राम को समकालीन बनाते हैं। ये प्रसंग ख़ुद वाल्मीकि द्वारा…
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