क़िताब की यह कहानी शुरू होती है, दिसम्बर-2022 से। उस महीने में मैंने फेसबुक पर एक क़िताब से सम्बन्धित सूचना देखी। शीर्षक था, ‘प्रहर :…
View More कहानियाँ सिर्फ़ क़िताबों में नहीं होतीं, क़िताबों की भी होती हैं…,पढ़िए एक क़िताब की कहानी!Author: Neelesh Dwivedi
‘डीपसीक’ मतलब गहन खोज.. यह ज़रूरी तो है लेकिन कब, कहाँ, कितनी?
चीन की एक कम्पनी ने तकनीक की दुनिया में बीते हफ़्ते-10 दिन से दुनिया में तहलका मचाया हुआ है। इस कम्पनी का नाम है ‘डीपसीक’…
View More ‘डीपसीक’ मतलब गहन खोज.. यह ज़रूरी तो है लेकिन कब, कहाँ, कितनी?अब ‘एक देश, एक समय’ की तैयारी, तो क्या अभी अलग-अलग जगहों के समय में फर्क है?
सूचना है कि भारत सरकार अब देशभर में एक समान मानक समय (आईएसटी यानि भारतीय मानक समय) लागू करने की तैयारी कर रही है। यह…
View More अब ‘एक देश, एक समय’ की तैयारी, तो क्या अभी अलग-अलग जगहों के समय में फर्क है?उसकी छवि ख़राब हुई, नौकरी गई, शादी भी टूटी…, इसकी भरपाई पुलिस करेगी क्या?
मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले आकाश कनौजिया की उम्र अभी 31 साल है। महज चन्द दिनों पहले तक उनके पास मुम्बई में नौकरी…
View More उसकी छवि ख़राब हुई, नौकरी गई, शादी भी टूटी…, इसकी भरपाई पुलिस करेगी क्या?अमेरिकी कहलाने के लिए ‘अधपके बच्चे’ पैदा करेंगे!…, ऐसे लोग ‘भारतीय गणतंत्र पर कलंक’!!
भारतीय गणतंत्र के 75 साल पूरे होने के अवसर पर देश के सामने दो विरोधाभासी तस्वीरें उभरकर आईं। पहली- 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान…
View More अमेरिकी कहलाने के लिए ‘अधपके बच्चे’ पैदा करेंगे!…, ऐसे लोग ‘भारतीय गणतंत्र पर कलंक’!!‘एक देश, एक त्योहार-तिथि’, यह सुनिश्चित करने की पहल ख़ुद शंकराचार्य क्यों नहीं करते?
‘एक देश-एक पंचांग’ या दूसरे शब्दों में ‘एक देश-एक त्योहार तिथि’, कुछ भी कह लीजिए। इस सन्दर्भ में निश्चित स्थिति तय किए जाने की आवश्यकता…
View More ‘एक देश, एक त्योहार-तिथि’, यह सुनिश्चित करने की पहल ख़ुद शंकराचार्य क्यों नहीं करते?सीता-अपहरण के लिए रावण सोने का हिरण बनकर आया! ये कहने वाले इस देश के ‘नेता’ हैं!!
श्रीराम और श्रीकृष्ण की कहानी इस देश का बच्चा-बच्चा जानता है। घर-घर में रामायण, रामचरित मानस, गीता और महाभारत की कहानियाँ पढ़ी-सुनी जाती हैं। पर…
View More सीता-अपहरण के लिए रावण सोने का हिरण बनकर आया! ये कहने वाले इस देश के ‘नेता’ हैं!!‘बिकाऊ बाज़ारू माल’ को व्यापारी ‘ख़राब’ कहता है क्या, फिर गूगल-फेसबुक क्यों कहेंगे?
ज़्यादा हलचल तो नहीं हुई, लेकिन कुछ छोटी-मोटी सुर्ख़ियाँ बनी थीं। अभी चार-पाँच दिन पहले की बात है। ख़बर आई कि गूगल ने यूरोपीय संघ…
View More ‘बिकाऊ बाज़ारू माल’ को व्यापारी ‘ख़राब’ कहता है क्या, फिर गूगल-फेसबुक क्यों कहेंगे?बस, पाँच मिनट और एक ज़िस्म में जान फूँक दी, इसीलिए डॉक्टर को भगवान कहते हैं!
नीचे दिया गया वीडियो देखिएगा। एक साथ कितना कुछ दिखाता और बताता है। यह दिखाता है कि कोई डॉक्टर बस, पाँच मिनट के भीतर एक…
View More बस, पाँच मिनट और एक ज़िस्म में जान फूँक दी, इसीलिए डॉक्टर को भगवान कहते हैं!देर से हुई शुरुआत का मतलब यह नहीं कि अब जीत नहीं सकते…, देखिए वीडियो!
देर से हुई शुरुआत को ज़्यादातर लोग इस अर्थ में लेते हैं कि वे अब जीत नहीं सकते। शुरुआत में ही हौसला छोड़ देते हैं…
View More देर से हुई शुरुआत का मतलब यह नहीं कि अब जीत नहीं सकते…, देखिए वीडियो!