हिन्दुस्तान सम्भवत: दुनिया में इक़लौता या फिर उन गिनती के देशों में शुमार होगा, जहाँ लोग अपनी परम्पराओं पर गर्व नहीं करते। बल्कि उनका मज़ाक…
View More लोग भूल गए कि दशहरे पर पान क्यों खाते हैं और अब पूछते हैं या खाने वालों पर हँसते हैं!Author: Neelesh Dwivedi
भक्त-भगवान के बीच अगर ‘एचआर’ आ जाए तो क्या हो? ज़वाब इस सच्ची कहानी में है!
सोचिए, भक्त और भगवान के बीच अगर ‘एचआर’ यानि ह्यूमन रिसोर्स मतलब तमाम सरकारी-निजी कम्पनियों में काम करने वाला ‘मानव संसाधन’ विभाग आ जाए तो…
View More भक्त-भगवान के बीच अगर ‘एचआर’ आ जाए तो क्या हो? ज़वाब इस सच्ची कहानी में है!सरकारों से नहीं होगा गौ-संरक्षण, वे उसे ‘राज्यमाता’ बनाएँ, या उसके लिए अभयारण्य!
महाराष्ट्र सरकार ने अभी, 30 सितम्बर को एक चर्चित फ़ैसला लिया। इसके तहत
View More सरकारों से नहीं होगा गौ-संरक्षण, वे उसे ‘राज्यमाता’ बनाएँ, या उसके लिए अभयारण्य!सुबह 3 बजे तक काम करने की ज़रूरत नहीं, मर जाओगे किसी दिन…और वे सच में मर गए!
ऑनलाइन ऑर्डर लेकर घर-घर तक भोजन आदि खाने-पीने की वस्तुओं की आपूर्ति करने वाली कम्पनी ‘स्विग्गी’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं रोहित कपूर। उन्होंने हाल…
View More सुबह 3 बजे तक काम करने की ज़रूरत नहीं, मर जाओगे किसी दिन…और वे सच में मर गए!इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यूँ है? क्याेंकि उसका काम उसके दिल पर बोझ है!
साल 1978 में फिल्म आई थी ‘गमन’। उसमें मशहूर गायक सुरेश वाडकर की आवाज़ में ‘शहरयार’ साहब की लिखी हुई ग़ज़ल थी। बोल थे, “सीने…
View More इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यूँ है? क्याेंकि उसका काम उसके दिल पर बोझ है!ये मिसालें बताती हैं कि पुलिस-अदालत दुष्कर्म नहीं रोक सकती, समाज रोक सकता है!
पहले कुछ चन्द मिसालें देखिए। ताज़ातरीन हैं, लेकिन अपने तरीक़े की कोई इक़लौती नहीं हैं। ऐसी मिसालें लगातार सुर्ख़ियों में आती रहती हैं। ग़ौर कीजिए… …
View More ये मिसालें बताती हैं कि पुलिस-अदालत दुष्कर्म नहीं रोक सकती, समाज रोक सकता है!अमेरिका भाग रहे भारतीय सुनें- इस अमेरिकी महिला के मुताबिक, “भारत बहुत बेहतर है”
भारत में रह रहे, पढ़ाई कर रहे अधिकांश युवाओं के मन में एक आकांक्षा सामान्य है। पढ़-लिखकर एक अच्छी नौकरी करना और विदेश जाना। विदेश…
View More अमेरिका भाग रहे भारतीय सुनें- इस अमेरिकी महिला के मुताबिक, “भारत बहुत बेहतर है”हम बच्चों को पढ़ाते हैं डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए, और वे बन जाते हैं ‘भूत’!
हाँ, यही सच है। कड़वी है, लेकिन सच्चाई है। हम अपने बच्चों को पढ़ाते-लिखाते हैं। ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर बनें। लेकिन वे बन क्या रहे…
View More हम बच्चों को पढ़ाते हैं डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए, और वे बन जाते हैं ‘भूत’!तिरुपति बालाजी के लड्डू ‘प्रसाद में माँसाहार’, बात सच हो या नहीं चिन्ताजनक बहुत है!
यह जानकारी गुरुवार, 19 सितम्बर को आरोप की शक़्ल में सामने आई कि तिरुपति बालाजी मन्दिर के लड्डू प्रसाद में ‘माँसाहार की मिलावट’ हुई है।…
View More तिरुपति बालाजी के लड्डू ‘प्रसाद में माँसाहार’, बात सच हो या नहीं चिन्ताजनक बहुत है!नमो-भारत : स्पेन से आई ट्रेन हिन्दुस्तान में ‘गुम हो गई, या उसने यहाँ सूरत बदल’ ली?
एक ट्रेन के हिन्दुस्तान में ‘ग़ुम हो जाने की कहानी’ सुनाते हैं। वह साल 2016 का था और अप्रैल का महीना। हिन्दुस्तान में उस वक़्त…
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