टेलीविज़न पर अक़्सर एक विज्ञापन आया करता है। उसमें एक युवती लोगों से पूछती फिरती है, “क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है?” और फिर टूथपेस्ट…
View More ‘टूथपेस्ट में नमक’ हो, न हो पर नमक में प्लास्टिक ज़रूर है और चीनी में भी!Author: Neelesh Dwivedi
‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह समझ गई थी कि हमें नकार देने की कोशिश बेकार है!
# बंधन # भविष्यवाणियाँ बाद में होंगी। बदलाव पहले होगा। पुराना चोला उतारने, नए कलेवर को अपनाने और नए आकार में ढलने की प्रक्रिया पहले…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह समझ गई थी कि हमें नकार देने की कोशिश बेकार है!ओलिम्पिक : विनेश 100 ग्राम वज़न से हारीं, अमन ने वज़न को 100 ग्राम से हराया, क्योंकि…
पेरिस ओलिम्पिक खेलों का 11 अगस्त को समापन हो गया। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखा जाए, तो उन्होंने 2020 के
View More ओलिम्पिक : विनेश 100 ग्राम वज़न से हारीं, अमन ने वज़न को 100 ग्राम से हराया, क्योंकि…वीडियो : इतिहास बदलता नहीं ठहर जाता है, जब माँ-बाप बच्चों के साथ दौड़ते हैं
दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता ‘ओलिम्पिक’ चल रही है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में 24 जुलाई से शुरू हुए ओलिम्पिक खेलों का 11 अगस्त,…
View More वीडियो : इतिहास बदलता नहीं ठहर जाता है, जब माँ-बाप बच्चों के साथ दौड़ते हैंदुनिया की 384 कम्पनियों ने सवा लाख ‘कर्मचारी’ नहीं, ‘प्यादे’ निकाल फेंके हैं!
भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल क़लाम साहब कहा करते थे, “अपने काम से प्यार कीजिए, कम्पनी से नहीं। क्योंकि आपकी कम्पनी कब आपको प्यार…
View More दुनिया की 384 कम्पनियों ने सवा लाख ‘कर्मचारी’ नहीं, ‘प्यादे’ निकाल फेंके हैं!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : अपने भीतर की डायन को हाथ से फिसलने मत देना!
“मैं बताता हूँ तुझे। तू अपनी बंदूक नीचे रख दे। मैं भी अपने आदमियों से कहता हूँ कि वे अपनी बंदूकों की मैगजीनें खाली कर…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : अपने भीतर की डायन को हाथ से फिसलने मत देना!बांग्लादेश, श्रीलंका, लंदन, पेरिस, में जो हुआ, वह भारत के लिए ख़तरे की घंटी क्यों है?
बांग्लादेश से दहला देने वाली तस्वीरें और जानकारियाँ सामने आ रही हैं। ख़बरें हैं कि हिंसा पर उतारू प्रदर्शनकारी युवकों की भीड़ ने वहाँ की…
View More बांग्लादेश, श्रीलंका, लंदन, पेरिस, में जो हुआ, वह भारत के लिए ख़तरे की घंटी क्यों है?रिकॉर्डबनाऊ कार्यक्रमों से न पेड़ बचेंगे, न जंगल, इन्हें बचाना इन ग्रामीणों से सीखें!
पूरे देश में इन दिनों ‘एक पेड़ माँ के नाम’ कार्यक्रम चल रहा है। अच्छा है, ऐसे कार्यक्रम चलने चाहिए। लेकिन इसमें परेशानी बस एक…
View More रिकॉर्डबनाऊ कार्यक्रमों से न पेड़ बचेंगे, न जंगल, इन्हें बचाना इन ग्रामीणों से सीखें!बच्चों ने बच्चियों से दुष्कर्म कर उन्हें मार देने का सोचा भी कैसे? इस वीडियो में ज़वाब है!
पहले बीते महीने की दो ख़ौफ़नाक घटनाएँ याद दिलाते हैं। जुलाई की सात तारीख़ को आन्ध्र प्रदेश के नांदयाल जिले में 12-13 साल के तीन…
View More बच्चों ने बच्चियों से दुष्कर्म कर उन्हें मार देने का सोचा भी कैसे? इस वीडियो में ज़वाब है!प्रकृति के प्राकृतिक संगीत का एक वीडियो, दो रोचक कहानियाँ और अद्भुत सन्देश!
पहले यह वीडियो देखिए। प्रकृति का विशुद्ध प्राकृतिक संगीत है इसमें। झरनों की झाँझर, पक्षियों का कलरव-सुर, कठफोड़वा की काठ पर दी ताल, मोर का…
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