हिन्दी फिल्मों की मशहूर गायिका अल्का याग्निक को सुनाई देना बन्द हो गया है। उन्होंने ख़ुद अभी दो दिन पहले इस बारे में जानकारी दी…
View More हैडफोन ने अल्का याग्निक से सुनने की ताक़त छीन ली, क्या अब भी हम सचेत न होंगे?Author: Neelesh Dwivedi
‘मायावी अम्बा और शैतान’ : न जाने यह उपहार उससे क्या कीमत वसूलने वाला है!
“वे चाहते थे कि वह अपना खेत फौज को बेच दे। उसने मना कर दिया। इसके बाद एक हफ्ते के भीतर उन्होंने अफवाहें उड़ा दीं।…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : न जाने यह उपहार उससे क्या कीमत वसूलने वाला है!चैम्पियन कैसे होते हैं, क्या करते हैं, कैसे सोचते हैं…‘चैम्पियन रोजर फ़ेडरर’ से ख़ुद सुनिए
रोजर फेडरर। स्विट्ज़रलैंड के टेनिस खिलाड़ी। बचपन में कभी टेनिस कोर्ट में बॉल-ब्वाय हुआ करते थे। वह लड़का जो टेनिस खेल रहे दूसरे बड़े खिलाड़ियों…
View More चैम्पियन कैसे होते हैं, क्या करते हैं, कैसे सोचते हैं…‘चैम्पियन रोजर फ़ेडरर’ से ख़ुद सुनिएधरती के रजस्वला होने का पर्व : हम में से कितने लोग इस बारे में जानते हैं?
हमारे देश की संस्कृति और परम्पराओं का प्रकृति के साथ कितना तादात्म्य है, ‘रज-परब’ इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह पर्व ओडिशा या उससे लगे कुछ…
View More धरती के रजस्वला होने का पर्व : हम में से कितने लोग इस बारे में जानते हैं?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उसे लगा, जैसे किसी ने उससे सब छीन लिया हो
अचानक बिना किसी पूर्व चेतावनी के पटाला ने अंबा के चेहरे पर पीले पराग कण छिड़क दिए। ये पराग कण इतने शक्तिशाली थे कि जहाँ…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उसे लगा, जैसे किसी ने उससे सब छीन लिया होशोर-शराबे के बीच पहियों पर दौड़ते पुस्तकालय : अभाव के बीच बेहतर करने का भाव!
तस्वीर में दिख रहे ये कुछ प्रतिनिधि चेहरे हैं। अलग प्रान्त, अलग देश, अलग पहचान, अलग ज़ुबान, अलग नाम। लेकिन काम एक जैसा! तस्वीर में…
View More शोर-शराबे के बीच पहियों पर दौड़ते पुस्तकालय : अभाव के बीच बेहतर करने का भाव!‘अमेरिकी भारतीय क्रिकेट टीम’ से सबक- सपने को जीना मत छोड़िए, पूरा ज़रूर होगा!
अगर क्रिकेट से किसी का ज़रा भी वास्ता है तो वह इस खेल के टी-20 विश्वकप में अमेरिकी क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन से ज़रूर…
View More ‘अमेरिकी भारतीय क्रिकेट टीम’ से सबक- सपने को जीना मत छोड़िए, पूरा ज़रूर होगा!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मात्रा ज्यादा हो जाए, तो दवा जहर बन जाती है
“तुमने तो हमें डरा ही दिया था। क्या लगा था तुम्हें? इतनी रात को जोतसोमा के घने जंगलों में तुम कहाँ तक पहुँच पाती? ऐसी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मात्रा ज्यादा हो जाए, तो दवा जहर बन जाती है‘अमीरी’ का शग़ल- मुँह से ‘न’ न निकले, इसलिए वे कभी शहर बन्धक बनाते हैं, कभी व्यवस्था!
दुनिया के बड़े रईसों में शुमार मुकेश अम्बानी का इसी रविवार, दो जून को एक बड़े हिन्दी अख़बार में साक्षात्कार छपा। इसमें उन्होंने बहुत प्रेरक…
View More ‘अमीरी’ का शग़ल- मुँह से ‘न’ न निकले, इसलिए वे कभी शहर बन्धक बनाते हैं, कभी व्यवस्था!जो दिखता है, वही हमेशा सही नहीं होता, चाहे तो देख लीजिए!
जो दिखता है, वही हमेशा सही नहीं होता। जैसे कि इस वीडियो में। इसे पहली नज़र में देखने पर लगता है, जैसे कोई सिर कटा…
View More जो दिखता है, वही हमेशा सही नहीं होता, चाहे तो देख लीजिए!