ये नेता लोग भी न, अक्सर ऐसे बयान दे देते हैं कि न हँसते बनता है, न ही रोते। अब तेलंगाना के मौजूदा मुख्यमंत्री रेवंत…
View More “दिसम्बर चमत्कारिक क्योंकि इसमें ईसा मसीह और सोनिया गाँधी का जन्म हुआ!”Author: Neelesh Dwivedi
ये कैसे प्रबन्धक हैं, जो पैसे और पैसेवालों के लिए भगवान को भी कष्ट देने से नहीं चूकते?
सनातन संस्कृति में भगवान के विग्रहों को चैतन्य अर्थात् जीवन्त माना गया है। इसलिए कि हम उन्हें अपनी तरह समझें, अपना मानें और उनके साथ…
View More ये कैसे प्रबन्धक हैं, जो पैसे और पैसेवालों के लिए भगवान को भी कष्ट देने से नहीं चूकते?‘श्रमेव जयते’-अशुद्ध! ‘भारत की भाषा’ का ध्यान भारत सरकार नहीं रखेगी तो कौन रखेगा?
‘श्रमेव जयते’ अशुद्ध, ‘श्रमेव जयते’ कष्टकर, ‘श्रमेव जयते’ चिन्ताजनक, ‘श्रमेव जयते’ हास्यास्पद। भारत सरकार की ओर से दिए गए नारे पर यह टिप्पणियाँ देश के…
View More ‘श्रमेव जयते’-अशुद्ध! ‘भारत की भाषा’ का ध्यान भारत सरकार नहीं रखेगी तो कौन रखेगा?तिरुपति बालाजी मन्दिर जैसे बड़े धर्मस्थल भ्रष्टाचार का अड्डा बन रहे हैं, धर्मगुरु चुप क्यों हैं?
आन्ध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मन्दिर में एक और घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस बार मन्दिर प्रबन्धन की ओर से विशिष्ट अवसरों पर अतिथियों…
View More तिरुपति बालाजी मन्दिर जैसे बड़े धर्मस्थल भ्रष्टाचार का अड्डा बन रहे हैं, धर्मगुरु चुप क्यों हैं?तीन सूचनाएँ, एक निष्कर्ष- भारत के निजी क्षेत्र में काम का माहौल खराब है!!
आज छह दिसम्बर 2025 को तीन सूचनाएँ सामने आईं और इन सभी का एक समान निष्कर्ष यह है कि विशेष रूप से भारत के निजी…
View More तीन सूचनाएँ, एक निष्कर्ष- भारत के निजी क्षेत्र में काम का माहौल खराब है!!दत्तात्रेय के 24 गुरुओं का किस्सा बताता है- सिखाने से ज्यादा सीखना महत्त्वपूर्ण!
आज, चार-पाँच दिसम्बर 2025 की दरम्यानी रात को अगहन मास की पूर्णिमा है। पौराणिक साहित्य में महर्षि अत्रि और उनकी पत्नी सती अनसूया के पुत्र…
View More दत्तात्रेय के 24 गुरुओं का किस्सा बताता है- सिखाने से ज्यादा सीखना महत्त्वपूर्ण!संसद परिसर में ‘सांसद ने भौं-भौं’ से बताया- पालतू कहाँ हैं, किसने पाले हुए हैं!
संसद में एक ‘नामी सांसद’ हैं, जिन्हें विधायी कामकाज से ज्यादा इस बात में दिलचस्पी रहती है कि वे कब किसी को धक्का मारकर गिरा…
View More संसद परिसर में ‘सांसद ने भौं-भौं’ से बताया- पालतू कहाँ हैं, किसने पाले हुए हैं!अंत समय की करो तैयारी, ‘धरती के फेंफड़ों’ से ‘जहर’ फैल रहा भारी!!
अब तक कहा जाता था कि इंसानी गतिविधियों के कारण वातावरण में जहरीली गैसों (ग्रीन हाउस गैसें) की मात्रा बढ़ी है। इसी कारण धरती का…
View More अंत समय की करो तैयारी, ‘धरती के फेंफड़ों’ से ‘जहर’ फैल रहा भारी!!कुछ बड़ा करने के लिए सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा, ऋग्वेद के उदाहरण से समझें
यह ज्ञान हम भारतीयों के पास बीते 10,000 से भी अधिक वर्षों से उपलब्ध है कि पृथ्वी गोल है और सूर्य का प्रकाश एक बार…
View More कुछ बड़ा करने के लिए सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा, ऋग्वेद के उदाहरण से समझें‘शब्दों में बड़ी ताकत होती है, इसीलिए शब्दों पर टिके रहने में ताकत लगती है’!
शब्दों की जलेबी बनाना नेताओं को बखूबी आता है। जब उनको किसी से कोई काम निकलवाना होता है, तो वे चासनी में डूबे शब्दों का…
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