बाबा आपका जाना हम सबका अनाथ हो जाना है। पीपी सर के नाम से मशहूर पुष्पेंद्र पाल सिंह जी को हम स्टूडेंट्स प्यार से ऐसे…
View More हमारे लिए होली के रंग अब हमेशा फीके रहेंगे ‘बाबा’, आपसे विदा लेना सम्भव नहीं है…!!Author: Neelesh Dwivedi
शिवाजी महाराज : “उखाड़ दो टाल इनके और बन्द करो इन्हें किले में!”
कारतलब खान से उगाही के तौर पर महाराज ने बहुत बड़ी रकम वसूल ली। सुरक्षा के लिए नेताजी को वहीं पर छोड़ तान्हाजी, पिलाजी आदि…
View More शिवाजी महाराज : “उखाड़ दो टाल इनके और बन्द करो इन्हें किले में!”दुर्रानी व सामवेद का उर्दू अनुवाद: वेद किसी की धरोहर नहीं, वे मानव के लिए ईश्वरीय वाणी हैं
झारखंड के रहने वाले एक मशहूर फिल्मकार हैं इक़बाल दुर्रानी। उन्होंने कुछ समय पहले ‘सामवेद’ का उर्दू में अनुवाद किया था। लेकिन इतना वक़्त बीत…
View More दुर्रानी व सामवेद का उर्दू अनुवाद: वेद किसी की धरोहर नहीं, वे मानव के लिए ईश्वरीय वाणी हैंशिवाजी महाराज : कौन था जो ‘सिर सलामत तो पगड़ी पचास’ कहते हुए भागा था?
पन्हालगढ़ पर कब्जा पाने के लिए सिद्दी जौहर अब भी जूझ रहा था। उसका प्रतिरोध करने बादशाह अली आदिलशाह मिरज तक आ गया था। स्थिति…
View More शिवाजी महाराज : कौन था जो ‘सिर सलामत तो पगड़ी पचास’ कहते हुए भागा था?महाराष्ट्र के इस गाँव में रोज रात को डेढ़ घंटे टीवी-मोबाइल बन्द होता है, किताबें खुलती हैं
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में एक गाँव है मनगाँव। यहाँ अभी आठ मार्च से एक अनोखी पहल शुरू हुई है। गाँव की पंचायत ने तय…
View More महाराष्ट्र के इस गाँव में रोज रात को डेढ़ घंटे टीवी-मोबाइल बन्द होता है, किताबें खुलती हैंशिवाजी ‘महाराज’ : एक ‘इस्लामाबाद’ महाराष्ट्र में भी, जानते हैं कहाँ?
जौहर ने महाराज को पूरे चार महीने पन्हाला में बन्द रखा था। लेकिन अब उनके अचानक भाग निकलने से उसके दुःख का पार नहीं रहा।…
View More शिवाजी ‘महाराज’ : एक ‘इस्लामाबाद’ महाराष्ट्र में भी, जानते हैं कहाँ?सोचिए और बताइए, क्या ये हो रहा है या होने वाला है?
अभी इसी महीने के शुरू में यह कार्टून सोशल मीडिया पर चला था। तब तक इसने शायद बहुत लोगों का ध्यान अपनी तरफ नहीं खींचा।…
View More सोचिए और बताइए, क्या ये हो रहा है या होने वाला है?शिवाजी महाराज : अपने बलिदान से एक दर्रे को पावन कर गए बाजीप्रभु देशपांडे
कल-कल बहती आषाढ़ की धाराओं के साथ मावलों का खून बह रहा था। एक हो रहा था। उधर, बीच राह की कासारी नदी और नाले-पनाले…
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जासूस छिपकली के पैरों से टोह ले रहे थे। झाड़-झंखाड़ और नालों-पनालों से भरे लम्बे-चौड़े विस्तार में एक जगह पर उनकी नजर रुक गई। वहाँ…
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कभी सड़क के किनारे खड़े होकर दो मिनट के लिए अपने फोन की ऑडियो रिकार्डिंग ऑन कर दीजिए। फिर घर पहुँचकर, हाथ-मुँह धोकर, कुछ खा-पीकर…
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