संवेदना : एक कहानी, गाय-बछड़े और दो चादर में छिपी भावनाओं की

अख़बारों में अक्सर ही छपने वाली छोटी-छोटी कहानियों पर हम में से कितने लोग ध्यान देते हैं? शायद ही कुछ लोग देते हों। बावज़ूद इसके…

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रसूब, दिल बड़ा होने से बढ़ता है या दिमाग चढ़ा होने से?

निश्चित रूप से यह एक बड़ा सवाल है कि हमारा रसूख यानि ‘स्टेटस’ सही मायने में आखिर बड़ा कैसे होता है? हमारा दिल बड़ा होने…

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शान्ति और स्थिरता व्यक्तित्व में गहराई से आती है..

अक्सर कहा जाता है, ‘गहरी नदी का बहाव हमेशा शान्त होता है।’ एकदम सही है। लेकिन क्या इसी ‘कहन’ का दूसरा पहलू ये नहीं है…

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हमारी सोच और ईश्वर का न्याय

अक्सर हम ईश्वर के न्याय पर सवाल उठाते हैं। हमारी यह मनोदशा खास तौर पर उस समय होती है, जब हमें लगता है कि हमारे…

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किसी का पत्थर, किसी के लिए हीरा

कई बार कहा सुना गया है कि ‘हीरे की कीमत, जौहरी ही जानता है’। लेकिन क्या हमने इसी कहावत के दूसरे पहलुओं को भी जाना-समझा…

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जीभ की उम्र लम्बी क्यों होती है?

जीभ की उम्र लम्बी क्यों होती है? बहुत प्रासंगिक और रोचक-सोचक सा सवाल है। ज़वाब सोचना चाहें तो सोच सकते हैं। अगर सुनना चाहें तो…

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कुछ ऐसा कीजिए उपाय, सारी कड़वाहट दूर हो जाए

होली त्यौहार है रंग का, उमंग का। पर अगर दिलों में कड़वाहट घुली हो तो जीवन में न कोई उमंग रह जाती है, न रंग।…

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पानी की कहानी, पानी की ज़ुबानी : मैं जल… मैं कल… मुझे सुनिए… मैं घायल!

मैं, जल, आपका प्राण। मेरी एक घूँट में ही जन्नत का आराम मिलता है। जब आप मुझे पीते हैं तो पानी हो जाता हूँ। जब…

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कुमार गन्धर्व : जिनके गाए ‘निर्गुण’ से गुण-अवगुण परिभाषित कर पाता हूँ!

भारतीय मनीषा, विलक्षण संगीतकार और महान गायक पंडित कुमार गंधर्व का आज जन्मदिन है। कर्नाटक से मालवा के देवास में आ बसे। फिर यहीं जीवनभर…

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‘मत कर तू अभिमान’ सिर्फ गाने से या कहने से नहीं चलेगा!

पूरा जीवन राय बनाने में, विचारों को संश्लित करने में, सघन अनुभूतियों की जमीन को उर्वरा बनाने में ही निकलता नज़र आ रहा है। यह…

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