अपने हिस्से न आसमान है और न धरती

आसमान खाली है, एक सिर्फ़ सूरज चमक रहा है। सुबह से सन्देश आ रहे हैं कि आज छह ग्रह एक पंक्ति में रहेंगे और यह…

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अब सुनाई नहीं देगा… लखनऊ से कमाल खान, एनडीटीवी इंडिया के लिए

कमाल खान नहीं रहे… सुबह से इस ख़बर पर यकीन मुश्किल हो रहा है। अब भी जब ये टिप्पणी टाइप कर रहा हूँ तो समझ नहीं आ…

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क्यों आज हमें लाखों सावित्री बाई फुले चाहिए

सावित्री बाई फुले का आज जन्मदिवस है। तत्कालीन समाज में जिस तरह से संघर्ष करके उन्होंने लड़कियों की पढ़ाई के महत्व को समझा और लड़कियों की…

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भगवान महावीर मानव के अधोपतन का कारण क्या बताते हैं?

भगवान महावीर के शिष्य ने एक बार प्रश्न किया, “गुरुदेव, मनुष्य के अधोपतन का क्या कारण है और उससे अपनी मुक्ति के लिए क्या किया…

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…पर क्या इससे उकताकर जीना छोड़ देंगे?

जीने की सम्भावनाओं के बीच हम जीने के बजाय अमर होने की चाह लिए रहते हैं। अपने हर कर्म, विचार को इस कसौटी पर तौलते…

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सम्यक् ज्ञान : …का रहीम हरि को घट्यो, जो भृगु मारी लात!

जो चीज जैसी है, उसे वैसे ही जानना, न कम, न ज़्यादा, अवस्था के अनुरूप जानना, उसका सम्यक् बोध होना ही सम्यक् ज्ञान है। सम्यक् ज्ञान…

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अपनी लड़ाई की हार जीत हमें ही स्वर्ण अक्षरों में लिखनी है

आसमान में एक लम्बी सफ़ेद धुएँ की लकीर रह गई है। मानो कोई बहुत तेजी से गुजरा हो अपने पीछे पूरा ग़ुबार छोड़कर। इस सबके…

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भगवान महावीर ने अपने उपदेशों में जिन तीन रत्नों की चर्चा की, वे कौन से हैं?

पृथ्वी पर तीन रत्न हैं। पहला- जल, दूसरा- अन्न और तीसरा- अच्छे बोल (पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमन्नं सुभाषितम्)। हम अक्सर जो भी बेहतर होता है, उसके…

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हम सब बेहद तकलीफ में है ज़रूर, पर रास्ते खुल रहे हैं

परछाइयाँ बहुत गहरी हैं। हम सब बहुत तकलीफ़ में हैं। उम्र का लम्बा पड़ाव बीत गया है और कुल जमा हासिल अगर यह था या…

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जीवन इसी का नाम है, ख़तरों और सुरक्षित घेरे के बीच से निकलकर पार हो जाना

भीड़भरे शहरों में अक्सर रहा हूँ, जहाँ ट्रैफिक सिग्नल को देखते-समझते ही उम्र के दशक गुजरते जाते हैं। हम भीड़ में फँसे हों और सामने…

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