पिछली कड़ी में हमने व्याकरण के आचार्यों का उल्लेख किया। संस्कृत वांग्मय में सभी विषयों का आदि अर्थात् सबसे पहले उपदेश करने वाले ब्रह्मा हैं।…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : आज की संस्कृत पाणिनि तक कैसे पहुँची?Tag: रोचक-सोचक
लुटियंस की दिल्ली में 2,000 का नोट बदलवाने वाले ‘लपकों की मौज़’
नई दिल्ली में मेट्रो की ‘यलो लाइन’ के पटेल चौक स्टेशन पर दोपहर को जैसे ही मैं उतरकर स्टेशन से बाहर निकला कि सामने से…
View More लुटियंस की दिल्ली में 2,000 का नोट बदलवाने वाले ‘लपकों की मौज़’जिसे प्रेम आता है, वह किसी का नहीं होता…. क्यूँ और कैसे? स्वामी ओमा से सुनिए!
ये हैं स्वामी ओमा द ‘अक्क’। ये श्रीराम पर बात करते हैं। श्रीकृष्ण पर बात करते हैं। तुलसी पर बात करते हैं। वेदव्यास पर बात…
View More जिसे प्रेम आता है, वह किसी का नहीं होता…. क्यूँ और कैसे? स्वामी ओमा से सुनिए!हम ‘काम’ और ‘नौकरी’ में फ़र्क नहीं जानते और नारायण मूर्ति जी की निन्दा करते हैं!
अभी 26 अक्टूबर को सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी भारतीय कम्पनी ‘इन्फोसिस’ के संस्थापक नारायण मूर्ति जी का बयान आया। इसमें उन्होंने कहा, “अगर भारत को…
View More हम ‘काम’ और ‘नौकरी’ में फ़र्क नहीं जानते और नारायण मूर्ति जी की निन्दा करते हैं!चीरहरण के कुअवसर पर द्रौपदी का कोप : पूरी और सच्ची कविता यहाँ सुनिए
सोशल मीडिया और मीडिया किस तरह किसी की सामग्री के साथ व्यवहार करता है, यह लोकप्रिय कविता इसका ताज़ा उदाहरण है। चीरहरण के कुअवसर पर…
View More चीरहरण के कुअवसर पर द्रौपदी का कोप : पूरी और सच्ची कविता यहाँ सुनिए‘संस्कृत की संस्कृति’ : मिलते-जुलते शब्दों का अर्थ महज उच्चारण भेद से कैसे बदलता है!
उच्चारण के महत्त्व को दर्शाता उदाहरण हमने पिछली कड़ी में देखा था कि एक अच्छे पाठक, वक्ता को उसी तरह शब्दों का उच्चारण करना चाहिए…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : मिलते-जुलते शब्दों का अर्थ महज उच्चारण भेद से कैसे बदलता है!क़रीब 250-300 करोड़ की कम्पनी के पास ‘अपने राइटर्स’ को देने के लिए 28-40 पैसे, बस!
“अरे सर, राइटर्स तो हमारे नगीने हैं, नगीने। उनमें से कुछेक की लिखी हुई ऑडियो-सीरीज़ तो करोड़ों की तादाद में लोग सुन रहे हैं”, मोबाइल…
View More क़रीब 250-300 करोड़ की कम्पनी के पास ‘अपने राइटर्स’ को देने के लिए 28-40 पैसे, बस!‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘अच्छा पाठक’ और ‘अधम पाठक’ किसे कहा गया है और क्यों?
पूर्व में हमने देखा कि वर्ण उत्पत्ति की समस्त प्रक्रिया में बुद्धि क्रमश: विकसित होती हुई वाणी के रूप में परिणत होती है। इससे वक्ता…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘अच्छा पाठक’ और ‘अधम पाठक’ किसे कहा गया है और क्यों?‘लीडर’ पैदाइशी होता है, ये सही नहीं, बनाया भी जा सकता है…सैम मानेकशॉ से सुनिए कैसे!
फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ। हिन्दुस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष। वे जो इन्दिरा गाँधी जैसी शक्तिशाली प्रधानमंत्री से आँख मिलाकर बातें करने का साहस रखते थे। वे…
View More ‘लीडर’ पैदाइशी होता है, ये सही नहीं, बनाया भी जा सकता है…सैम मानेकशॉ से सुनिए कैसे!ज़रूर सुनिएगा…..‘It’s raining again’ एक बच्ची की कविता, दूसरी की आवाज़
दिल्ली में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छोटी बच्चियों का ख़ूबसूरत प्रयास। ज़ीनत ज़ैदी की कविता और देवांशी वशिष्ठ की आवाज़। पढ़ने लायक है, …
View More ज़रूर सुनिएगा…..‘It’s raining again’ एक बच्ची की कविता, दूसरी की आवाज़