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View More जल संकट का हल छठवीं कक्षा की किताब में, कम से कम उसे ही पढ़ लें!Tag: रोचक-सोचक
टीएम कृष्ण विवाद : होली है भाई होली है, संगीत जगत में भी ‘कीचड़ वाली होली’ है!
होली आ रही है। देश के कई स्थानों में पाँच दिन का यह उत्सव होलिका दहन के अगले दिन कीचड़ वाली होली से शुरू होता…
View More टीएम कृष्ण विवाद : होली है भाई होली है, संगीत जगत में भी ‘कीचड़ वाली होली’ है!ड्रोन दीदी : भारत में ‘ड्रोन क्रान्ति’ की अगली असली वाहक!
मुझे लगता है, हिन्दी में इसको उल्टा यानि कि नीचे अंग्रेजी के मूल लेख में दिए गए आख़िरी वाक्य से पढ़ना शुरू करना चाहिए। इस…
View More ड्रोन दीदी : भारत में ‘ड्रोन क्रान्ति’ की अगली असली वाहक!मदद का हाथ बढ़ाना ही होगा, जीवन की गाड़ी ऐसे ही चलती रहनी चाहिए
मैं ट्रेनिंग में थी l मेरे आगे की पंक्ति में एक सीनियर मैडम बैठी थीं। चर्चा कर रहीं थीं अपने अगल-बगल बैठी महिला शिक्षिकाओं से।…
View More मदद का हाथ बढ़ाना ही होगा, जीवन की गाड़ी ऐसे ही चलती रहनी चाहिए‘एक्स-मुस्लिम्स’ : स्याह गुमनामी में क्या ये नई रोशनी है?
साइबर दुनिया ने गुमनाम और अज्ञात रह सकने की सहूलियत दी है। इस सहूलियत ने कुछ मजहबों में निजी स्वतंत्रता के नए आयाम खोल दिए…
View More ‘एक्स-मुस्लिम्स’ : स्याह गुमनामी में क्या ये नई रोशनी है?यात्रा, मित्रता और ज्ञानवर्धन : कुछ मामलों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाकई अच्छा है
सुबह विद्यालय के लिए निकलती हूँ और सड़क पार करते ही एक पेड़ दिखता है…फूलों से लदा हुआ l बस आती नहीं दिखी तो मैं…
View More यात्रा, मित्रता और ज्ञानवर्धन : कुछ मामलों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाकई अच्छा हैअंग्रेजी से हमारा मोह : हम अब भी ग़ुलाम मानसिकता से बाहर नहीं आए हैं!
मैं जब ‘याहू’ में काम करता था, तो दक्षिण कोरिया में चार सदस्यों की मेरी टीम थी। उन चार सदस्यों में से‘ सिर्फ एक को…
View More अंग्रेजी से हमारा मोह : हम अब भी ग़ुलाम मानसिकता से बाहर नहीं आए हैं!सोशल मीडिया कंटेंट : उठना है, जागना है, छुरे की धार पर आगे बढ़ना है!
कुछ दिन पहले ही यूट्यूब चैनल पर किसी महाराज की शिष्या द्वारा समाधि लेने की ख़बर दिखी, जो नियत समय में समाधि से लौटी ही…
View More सोशल मीडिया कंटेंट : उठना है, जागना है, छुरे की धार पर आगे बढ़ना है!महिला दिवस जैसे मौकों पर होने वाले स्त्री-विमर्श में भाषा को नपुंसक क्यों करना?
आजकल भाषा में स्त्री- विमर्श जोर पकड़ रहा है। ऐसा नहीं कि यह कोई नया विषय है। भाषा में लैंगिक भेद सम्भवत: प्रायोजित नहीं अपितु…
View More महिला दिवस जैसे मौकों पर होने वाले स्त्री-विमर्श में भाषा को नपुंसक क्यों करना?भारत 2047 में अमेरिका से कहेगा- सुनो दोस्त, अब हम बराबर! पर कैसे? ज़वाब इधर…
भारत 2047 में अमेरिका से आँख में आँख मिलाकर कहेगा, “सुनो दोस्त, अब हम दोनों बराबर हैं।” मतलब भारत और अमेरिका दुनिया की दो सबसे…
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