ज़िन्दगी में हम जिन चीज़ों को मूल्यवान समझते हैं, या जिनकी क़द्र करते हैं, उसे हम सबसे साझा भी करते हैं। अगर हम पान का…
View More अच्छी चीज़ों का प्रसार कीजिए, नहीं तो कोई ख़राब चीज़ें फैलाएगाTag: रोचक-सोचक
‘संस्कृत की संस्कृति’ : सुनना बड़ा महत्त्वपूर्ण है, सुनेंगे नहीं तो बोलेंगे कैसे?
सुनना बड़ा महत्त्वपूर्ण कार्य है। सुनेंगे नहीं तो बोलेंगे कैसे? इस लिहाज से कभी सोचा है क्या कि ‘मूक-बधिर’ शब्द युग्म शब्द क्यों है? दरअस्ल,…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : सुनना बड़ा महत्त्वपूर्ण है, सुनेंगे नहीं तो बोलेंगे कैसे?आप नहीं तो कौन? अभी नहीं तो कब?
ये बड़े कमाल के सवाल हैं, “आप नहीं तो कौन?” और “अभी नहीं तो कब?” बल्कि यूँ कहें कि ये सिर्फ़ सवाल नहीं ज़िन्दगी का…
View More आप नहीं तो कौन? अभी नहीं तो कब?एक मुस्कुराहट की कीमत मौत! ऐसी भी क्या मज़बूरी?
वह अपने चेहरे पर नैसर्गिक रूप से आने वाली मुस्कुराहट से ख़ुश नहीं था। चाहता था कि शादी होने से पहले उसकी मुस्कुराहट ऐसी हो…
View More एक मुस्कुराहट की कीमत मौत! ऐसी भी क्या मज़बूरी?‘सत्यप्रेम की कथा‘ : फिल्मी कहानी से ज़्यादा प्रभावी-प्रेरक ये अस्ल ज़िन्दगी की, पढ़िए!
अभी पिछले साल ही एक हिन्दी फिल्म आई थी, ‘सत्यप्रेम की कथा’। बॉक्स ऑफिस इस फिल्म को 100 करोड़ी बताता है। फिर भी ज़्यादा चर्चित…
View More ‘सत्यप्रेम की कथा‘ : फिल्मी कहानी से ज़्यादा प्रभावी-प्रेरक ये अस्ल ज़िन्दगी की, पढ़िए!‘नट’ राग सीखिए राजनीति में सफल होना है तो, और ‘दरबार’ में सफलता के लिए ‘दरबारी’!
बीते कुछ समय से देश की सियासत में मची उछलकूद देखकर कुछेक सालों पहले का एक वाकिआ याद आ गया। तब किसी ने दफ़्तर में…
View More ‘नट’ राग सीखिए राजनीति में सफल होना है तो, और ‘दरबार’ में सफलता के लिए ‘दरबारी’!प्रेम की अभिव्यक्ति अगर ऐसे भाव और समर्पण से हो, तो बात दूर तक जाती है
पश्चिम की संस्कृति ने प्रेम के लिए जो दिन और हफ़्ता निर्धारित कर रखा है, वह 14 फरवरी को वेलेन्टाइन-डे मनाने के साथ ही निकल…
View More प्रेम की अभिव्यक्ति अगर ऐसे भाव और समर्पण से हो, तो बात दूर तक जाती हैहो सके तो इस साल सरकारी प्राथमिक स्कूल के बच्चों संग वेलेंटाइन-डे मना लें, अच्छा लगेगा
इतना आसान नहीं होता है सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कोई समारोह करा पाना। चाहते तो हम भी हैं कि हमारे बच्चे अच्छे-अच्छे, सुन्दर और फैन्सी…
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सवाल सीधा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘भारत के पहले कार्यपालक राष्ट्रपति’ हो सकते हैं? इसका ज़वाब अगर नरेन्द्र मोदी से ही जुड़े नारे…
View More क्या नरेन्द्र मोदी ‘भारत के पहले कार्यपालक राष्ट्रपति’ हो सकते हैं? नामुमकिन नहीं!झूठ बोले कौआ काटे, काले कौअे से डरियो… क्योंकि ये ज़िन्दगी भर चोंच मारता है!
साल 1973 में एक फिल्म आई थी, ‘बॉबी’। ऋषि कपूर और डिम्पल कपाड़िया की पहली फिल्म थी। इसका एक गाना खूब चर्चित हुआ था उस…
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