दुखी होना और रहना किसी बीमारी से ज्यादा खतरनाक होता है। ऐसा हाल ही सामने आए शोध अध्ययनों से साबित हुआ है। अमेरिका में ‘एजिंग…
View More दुखी इंसान की उम्र 10 साल कम हो जाती है, सो सुखी कैसे रहें फिनलैंड से सीखिए!Tag: रोचक-सोचक
‘राजमा-चावल’ भारी तो होता है, लेकिन हम उसके आभारी भी हो सकते हैं!
एक बड़ी ‘रोचक-सोचक’ सी जानकारी आज सामने आई। जो जानकार हैं, वे तो इस बारे में जानते ही होंगे लेकिन शायद बहुत से और लोग…
View More ‘राजमा-चावल’ भारी तो होता है, लेकिन हम उसके आभारी भी हो सकते हैं!कुछ पल फुर्सत के निकालकर देखिए, सामने नई सृष्टि खुलने लगेगी
फुर्सत के पलों को फालतू की वक्त-बर्बादी समझने की गलती मत कीजिएगा। अलबत्ता कई बार कुछ लोग ऐसा करते भी होंगे। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं…
View More कुछ पल फुर्सत के निकालकर देखिए, सामने नई सृष्टि खुलने लगेगीमहाराष्ट्र के इस गाँव में रोज रात को डेढ़ घंटे टीवी-मोबाइल बन्द होता है, किताबें खुलती हैं
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में एक गाँव है मनगाँव। यहाँ अभी आठ मार्च से एक अनोखी पहल शुरू हुई है। गाँव की पंचायत ने तय…
View More महाराष्ट्र के इस गाँव में रोज रात को डेढ़ घंटे टीवी-मोबाइल बन्द होता है, किताबें खुलती हैंसोचिए और बताइए, क्या ये हो रहा है या होने वाला है?
अभी इसी महीने के शुरू में यह कार्टून सोशल मीडिया पर चला था। तब तक इसने शायद बहुत लोगों का ध्यान अपनी तरफ नहीं खींचा।…
View More सोचिए और बताइए, क्या ये हो रहा है या होने वाला है?लगा लगा लगा रे… सेल्फ़ प्रमोशन का रोग
आज बहुत दिन बाद फ़ेसबुक पर जाना हुआ। स्क्रॉल करना शुरू किया। ज़्यादातर पोस्ट तस्वीरों की। अपनी तस्वीरें। चूँकि जिस अकाउंट से फ़ेसबुक खोला था,…
View More लगा लगा लगा रे… सेल्फ़ प्रमोशन का रोगहम अँधेरे में जीवन का अर्थ टटोल रहे हैं… रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की कविता
…. तुम तो नदी की धारा के साथ दौड़ रहे हो। उस सुख को कैसे समझोगे, जो हमें नदी को देखकर मिलता है।और वह फूल…
View More हम अँधेरे में जीवन का अर्थ टटोल रहे हैं… रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की कविता60 की उम्र में 100 साल जीने का लक्ष्य बनाया, 96 तक पहुँच भी गईं, मगर कैसे?
अमेरिका के न्यू यॉर्क की क्वीन्स काउन्टी (कस्बा) में पैदा हुईं एक तैराक हैं। उम्र 96 साल। नाम है, जूडी यंग। और वे इस उम्र…
View More 60 की उम्र में 100 साल जीने का लक्ष्य बनाया, 96 तक पहुँच भी गईं, मगर कैसे?पाँच लाइनों का ‘पंच’
एक विज़ुअल है, दृश्य। सुबह का समय है। एक बच्चा अपने पापा की उँगली पकड़े जा रहा है। सोसायटी से बाहर की ओर। पापा के…
View More पाँच लाइनों का ‘पंच’एक वक़्त में कई काम करना अच्छा ही होता है, ऐसा मानना सही नहीं
एक वक़्त में कई काम करना अच्छी बात है, ऐसा बहुत से लोग सोचते हैं। कई लोग तो करते भी हैं। कान में मोबाइल लगा…
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