अपने करियर के साथ-साथ माता-पिता के प्रति ज़िम्मेदारियों को निभाना मुश्क़िल काम है, है न? यह सवाल मेरे ज़ेहन में अभी रविवार को ख़ास तौर…
View More ध्याान रखिए, करियर और बच्चों के भविष्य का विकल्प है, माता-पिता का नहीं!Tag: सरोकार
हमारे राष्ट्रगान में जिस ‘अधिनायक’ का ज़िक्र है, क्या वह ‘भारत की नियति’ ही है?
भारत के राष्ट्रगान ‘जन गण मन…’ से जुड़ी अहम तारीख़ है, 27 दिसम्बर। सन् 1911 में इसी तारीख़ को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता (कोलकाता…
View More हमारे राष्ट्रगान में जिस ‘अधिनायक’ का ज़िक्र है, क्या वह ‘भारत की नियति’ ही है?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : किसी लड़ाई का फैसला एक पल में नहीं होता
वह रोध था, दुख के कारण आधा पगलाया हुआ सा। अभी जो भी उसके पास आने की कोशिश करता, वह उसे बंदूक लहराकर डराने की…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : किसी लड़ाई का फैसला एक पल में नहीं होताजंगल कम, पेड़ ज्यादा हो गए… मतलब? जंगली जानवरों के घर में इंसान ने घुसपैठ कर ली!
अभी बीते शनिवार, 21 दिसम्बर को केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की। ‘भारत के वनों की स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर)- 2023’ इसका नाम है।…
View More जंगल कम, पेड़ ज्यादा हो गए… मतलब? जंगली जानवरों के घर में इंसान ने घुसपैठ कर ली!भाषा के पिछलग्गू हम! चौंकिए नहीं, यदि कभी NATURE ‘नटूरे’ और FUTURE ‘फुटूरे’ हो जाए!
पहले इस वीडियो को थोड़ा वक़्त दीजिए। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का वीडियो है, ट्रेनों के आने-जाने की नित्य उद्घोषणा का। इस उद्घोषणा को ध्यान…
View More भाषा के पिछलग्गू हम! चौंकिए नहीं, यदि कभी NATURE ‘नटूरे’ और FUTURE ‘फुटूरे’ हो जाए!‘देश’ को दुनिया में शर्मिन्दगी उठानी पड़ती है क्योंकि कानून तोड़ने में ‘शर्म हमको नहीं आती’!
अभी इसी शुक्रवार, 13 दिसम्बर की बात है। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न का उत्तर दे रहै…
View More ‘देश’ को दुनिया में शर्मिन्दगी उठानी पड़ती है क्योंकि कानून तोड़ने में ‘शर्म हमको नहीं आती’!महाराष्ट्र में नाक़ारा मंत्रियों से छिनेगा ‘मज़ा’, इन्दौर में ‘भीख़ देने वालों’ को सज़ा!..सुना है?
देश में दो दिन के भीतर दो अनोख़े घटनाक्रम हुए। ऐसे, जो देशभर में पहले कभी कहीं से भी नहीं सुने गए। दोनों ‘रोचक-सोचक’ हैं।…
View More महाराष्ट्र में नाक़ारा मंत्रियों से छिनेगा ‘मज़ा’, इन्दौर में ‘भीख़ देने वालों’ को सज़ा!..सुना है?क्या वेद और यज्ञ-विज्ञान का अभाव ही वर्तमान में धर्म की सोचनीय दशा का कारण है?
सनातन धर्म के नाम पर आजकल अनगनित मनमुखी विचार प्रचलित और प्रचारित हो रहे हैं। इन्हें आधुनिक उदारता के नाम पर राजाश्रय मिला हुआ है।…
View More क्या वेद और यज्ञ-विज्ञान का अभाव ही वर्तमान में धर्म की सोचनीय दशा का कारण है?हफ़्ते में भीख की कमाई 75,000! इन्हें ये पैसे देने बन्द कर दें, शहर भिखारीमुक्त हो जाएगा
मध्य प्रदेश के इन्दौर शहर को इन दिनों भिखारीमुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। ऐसा अभियान कई शहरों में पहले भी चलाया…
View More हफ़्ते में भीख की कमाई 75,000! इन्हें ये पैसे देने बन्द कर दें, शहर भिखारीमुक्त हो जाएगासाधना-साधक-साधन-साध्य… आठ साल-डी गुकेश-शतरंज-विश्व चैम्पियन!
इस शीर्षक के दो हिस्सों को एक-दूसरे का पूरक समझिए। इन दोनों हिस्सों के 10-11 शब्दों में शतरंज के नए और इस खेल के अब…
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