उम्मीद करता हूँ कि भारत को जल्दी ही यह एहसास हो जाए कि हमें अब अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ज़रूरत है? ख़ासकर इस तथ्य…
View More क्यों भारत को अब अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लाना ही होगा?Tag: सरोकार
मेरे प्यारे गाँव! मैं अपनी चिता भस्म से तुम्हारी बूढ़ी काया का श्रृंगार करूँगा
मेरे प्यारे गाँव तुम्हारी सौंधी मिट्टी की सुगन्ध से गुँथा हुआ तुम्हारा पत्र मिला। तुम्हारा हर शब्द मेरी आत्मा के चिथड़ जाने का गवाह है।…
View More मेरे प्यारे गाँव! मैं अपनी चिता भस्म से तुम्हारी बूढ़ी काया का श्रृंगार करूँगागाँव की दूसरी चिठ्ठी : रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ…!!
मेरे प्यारे बाशिन्दे, मैं तुम्हें यह पत्र लिखते हुए थोड़ा सा भी खुश नहीं हो पा रहा हूँ कि इस बार मेरी अमराई (आम का…
View More गाँव की दूसरी चिठ्ठी : रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ…!!ईमानदारी से व्यापार नहीं किया जा सकता, इस बात में कितनी सच्चाई है?
अगर आप ईमानदार हैं, तो आप कुछ बेच नहीं सकते। क़रीब 20 साल पहले जब मैं अमेरिका में था, तब मेरे एक दोस्त ने मुझसे यह…
View More ईमानदारी से व्यापार नहीं किया जा सकता, इस बात में कितनी सच्चाई है?जो हम हैं, वही बने रहें, उसे ही पसन्द करने लगें… दुनिया के फ़रेब से ख़ुद बाहर आ जाएँगे!
कल रात मोबाइल स्क्रॉल करते हुए मुझे Garden Spells का एक वाक्यांश मिला, you are who you are, whether you like it or not, so…
View More जो हम हैं, वही बने रहें, उसे ही पसन्द करने लगें… दुनिया के फ़रेब से ख़ुद बाहर आ जाएँगे!‘मदर्स डे’ माँ घर की कच्ची रसोई में अक्सर, सिर्फ भोजन नहीं प्रेम पकाती है!
माँ घर की कच्ची रसोई में अक्सरसिर्फ भोजन नहीं प्रेम पकाती है। स्नेह की धीमी आँच पर बड़े लाड़के साथ वह पकवान बनाती है। उसके…
View More ‘मदर्स डे’ माँ घर की कच्ची रसोई में अक्सर, सिर्फ भोजन नहीं प्रेम पकाती है!कितना अच्छा होता कि…, दुनिया में कोई जंग ना होती
कितना अच्छा होता कि कोई उम्मीद अधूरी न होती किसी के बदल जाने से तक़लीफ़ न होती दुनिया में कोई जंग न होती न ये…
View More कितना अच्छा होता कि…, दुनिया में कोई जंग ना होती‘मदर्स डे’ : ये जो मैं थोड़ा सा इंसान हो सका हूँ, सब अम्मा का ही करम है!
अम्मा नहीं जानतीं, ‘मदर्स डे’ क्या बला है! उन्हें तो बस चूल्हा-चौकी और गृहस्थी के खबार से ही फुर्सत नहीं है। उन्होंने पढ़ने की उम्र…
View More ‘मदर्स डे’ : ये जो मैं थोड़ा सा इंसान हो सका हूँ, सब अम्मा का ही करम है!बेटी के नाम नौवीं पाती : मुझमें और अधिक मनुष्यता भरने के लिए शुक्रिया मेरी गिलहरी
प्रिय मुनिया मेरी लाडो! मैं तुम्हें यह पत्र तब लिख रहा हूँ, जब लगभग माहभर के लिए स्कूल जाने के बाद तुम्हारी छुट्टियाँ शुरू हो…
View More बेटी के नाम नौवीं पाती : मुझमें और अधिक मनुष्यता भरने के लिए शुक्रिया मेरी गिलहरीऑपरेशन सिन्दूर : भारत ‘इतिहास’ बदलने पर आमादा है और पाकिस्तान ख़ुद ‘अपना भूगोल’!
भारत का इतिहास रहा है, सौम्यता का प्रदर्शन। उनके साथ भी बड़ा दिल दिखाना, जो उसके साथ बुरा करते हैं। इस चक्कर में तमाम विदेशी…
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