मध्य प्रदेश में इन्दौर से यही कोई 35-40 किलोमीटर की दूरी पर एक शहर है ‘देवास’। इसे ‘देव-वास’ अर्थात् देवी-देवताओं का वास’ कहें, तो कोई…
View More राजनैतिक दबाव में हँसकर माँगी माफ़ी से क्या ‘देवास की मर्यादा’ भंग करने का पाप कटेगा?Tag: सरोकार
“संविधान से पहले शरीयत”…,वक़्फ़ कानून के ख़िलाफ़ जारी फ़साद-प्रदर्शनों का मूल कारण!!
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में भारी हिंसा हो गई।
View More “संविधान से पहले शरीयत”…,वक़्फ़ कानून के ख़िलाफ़ जारी फ़साद-प्रदर्शनों का मूल कारण!!भारतीय रेल -‘राष्ट्र की जीवनरेखा’, इस पर चूहे-तिलचट्टे दौड़ते हैं…फ्रांसीसी युवा का अनुभव!
भारतीय रेल का नारा है, ‘राष्ट्र की जीवन रेखा’। लेकिन इस जीवन रेखा पर अक्सर चूहे और तिलचट्टे दौड़ते हुए नज़र आ जाते हैं। यही…
View More भारतीय रेल -‘राष्ट्र की जीवनरेखा’, इस पर चूहे-तिलचट्टे दौड़ते हैं…फ्रांसीसी युवा का अनुभव!हनुमान जयन्ती या जन्मोत्सव? आख़िर सही क्या है?
आज चैत्र शुक्ल पूर्णिमा, शनिवार, 12 अप्रैल को श्रीरामभक्त हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान बहुत से लोगों ने आपस में एक-दूसरे बधाईयाँ, शुभकामनाएँ…
View More हनुमान जयन्ती या जन्मोत्सव? आख़िर सही क्या है?भगवान महावीर के ‘अपरिग्रह’ सिद्धान्त ने मुझे हमेशा राह दिखाई, सबको दिखा सकता है
आज, 10 अप्रैल को भगवान महावीर की जयन्ती मनाई गई। उनके सिद्धान्तों में से एक ‘अपरिग्रह’ का सिद्धान्त बहुत अहम है। इसका मतलब होता है…
View More भगवान महावीर के ‘अपरिग्रह’ सिद्धान्त ने मुझे हमेशा राह दिखाई, सबको दिखा सकता हैअण्डमान में 60 हजार साल पुरानी ‘मानव-बस्ती’, वह भी मानवों से बिल्कुल दूर!…क्यों?
दुनियाभर में यह प्रश्न उठता रहता है कि कौन सी मानव सभ्यता कितनी पुरानी है? सिन्धु घाटी सभ्यता, मिस्र की सभ्यता या कोई और? यहाँ…
View More अण्डमान में 60 हजार साल पुरानी ‘मानव-बस्ती’, वह भी मानवों से बिल्कुल दूर!…क्यों?अपने गाँव को गाँव के प्रेमी का जवाब : मेरे प्यारे गाँव तुम मेरी रूह में धंसी हुई कील हो…!!
मेरे प्यारे गाँव तुमने मुझे हाल ही में प्रेम में भीगी और आत्मा को झंकृत करने वाली पाती लिखी। मैं तुम्हारा इतना लाड़-प्यार पाकर अभिभूत…
View More अपने गाँव को गाँव के प्रेमी का जवाब : मेरे प्यारे गाँव तुम मेरी रूह में धंसी हुई कील हो…!!यदि जीव-जन्तु बोल सकते तो ‘मानवरूपी दानवों’ के विनाश की प्रार्थना करते!!
काश, मानव जाति का विकास न हुआ होता, तो कितना ही अच्छा होता। हम शिकार करते, खाना खाते, यायावरी करते और सो जाते। पूरा जीवन…
View More यदि जीव-जन्तु बोल सकते तो ‘मानवरूपी दानवों’ के विनाश की प्रार्थना करते!!ये नई उभरती कम्पनियाँ हैं, या दुकानें?…इस बारे में केन्द्रीय मंत्री की बात सुनने लायक है!
इस साल के जनवरी महीने की 15 तारीख़ तक के
View More ये नई उभरती कम्पनियाँ हैं, या दुकानें?…इस बारे में केन्द्रीय मंत्री की बात सुनने लायक है!“अपने बच्चों को इतना मत पढ़ाओ कि वे आपको अकेला छोड़ दें!”
“अपने बच्चों को इतना मत पढ़ाओ कि वे आपको अकेला छोड़ दें!” अभी इन्दौर में जब मैं एक अन्तिम संस्कार में गया, तो वहाँ मुझे एक…
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