‘वसंतसेना’ दरिद्र ‘चारुदत्त’ से प्रेम करती है, ऐसा जानकर ‘मदनिका’ कहती है : क्या मंजरीरहित आमों पर मधुकारियां (भौरें) कभी बैठी हैं? वसंतसेना : तभी…
View More मृच्छकटिकम्-5 : जुआरी पाशों की तरफ खिंचा चला ही आता हैTag: सरोकार
मृच्छकटिकम्-4 : धरोहर व्यक्ति के हाथों में रखी जाती है न कि घर में
‘चारुदत्त’ को ‘मैत्रेय’ बताता है, “शकार बलात् वसंतसेना का पीछा करते हुए यहाँ आया था। और वह न्यायालय में वाद दायर करने की बात कहते…
View More मृच्छकटिकम्-4 : धरोहर व्यक्ति के हाथों में रखी जाती है न कि घर मेंमृच्छकटिकम्-3 : स्त्री के हृदय में प्रेम नहीं तो उसे नहीं पाया जा सकता
पूजा पूरी करने के बाद ‘चारुदत्त’ फिर से मातृदेवियो को बलि देने जाने के लिए ‘मैत्रेय’ को आदेश देता है। लेकिन ‘मैत्रेय’ के मना कर…
View More मृच्छकटिकम्-3 : स्त्री के हृदय में प्रेम नहीं तो उसे नहीं पाया जा सकतामृच्छकटिकम्-2 : व्यक्ति के गुण अनुराग के कारण होते हैं, बलात् आप किसी का प्रेम नहीं पा सकते
‘मैत्रेय’ का प्रश्न ‘चारुदत्त’ के सामने यथावत् है, ‘मरण और निर्धनता में तुम्हें क्या अच्छा लगेगा?’ गहरी श्वांस लेकर ‘चारुदत्त’ उत्तर देता है, “निर्धनता और…
View More मृच्छकटिकम्-2 : व्यक्ति के गुण अनुराग के कारण होते हैं, बलात् आप किसी का प्रेम नहीं पा सकतेमृच्छकटिकम्-1 : बताओ मित्र, मरण और निर्धनता में तुम्हें क्या अच्छा लगेगा?
‘शिव, कल्याण करने वाले शिव। शिव, पूर्ण शिव। समाधिस्त शिव, जो समस्त चेतना के कारक हैं, जो समस्त विश्व का केन्द्र हैं, जो परमब्रह्म हैं,…
View More मृच्छकटिकम्-1 : बताओ मित्र, मरण और निर्धनता में तुम्हें क्या अच्छा लगेगा?बाहर कोई और आया, यह बताने कि बच्चे के अब्बा अस्पताल में हैं…
अदालत का फैसला हो चुका है। सरकारों की चाल-ढाल भी देख ली गई है। कमियों, खामियों, अनदेखियों और मनमानियों का यह पिटारा अनंत है। हो…
View More बाहर कोई और आया, यह बताने कि बच्चे के अब्बा अस्पताल में हैं…यह हमारी सरकारों की अंतहीन आपराधिक अनदेखी है
भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन के सतीनाथ षड़ंगी। भोपाल के फोटोग्राफरों को उनकी पीठ पर पड़े डंडों का नजारा याद है। पीड़ितों की आवाज…
View More यह हमारी सरकारों की अंतहीन आपराधिक अनदेखी हैसिर्फ तीन शख्सियतों ने गैस पीड़ितों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता दिखाई
भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक हैं अब्दुल जब्बार (उनका नवंबर 2019 में देहांत हो चुका है)। देश-दुनिया में एक जाना माना नाम।…
View More सिर्फ तीन शख्सियतों ने गैस पीड़ितों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता दिखाईसरकार स्वर्णिम मध्यप्रदेश का नारा दे रही है, मुझे हंसी आती है
गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव की कहानी भी दिलचस्प है। जिंदगी किस मोड़ से लाकर कहां छोड़ जाए कौन जानता…
View More सरकार स्वर्णिम मध्यप्रदेश का नारा दे रही है, मुझे हंसी आती हैसियासत हमसे सीखिए, ज़िद नहीं समझौता कीजिए!
…संघर्ष के दिनों में तब कब क्या हुआ, उन्हें तारीखवार याद है। ग्वालियर की डीआरडीयू की प्रयोगशाला का वह वाकया भी, जब उन्हें पता चला…
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