Jai Singh and Shivaji

शिवाजी ‘महाराज’ : मराठे थके नहीं थे, तो फिर शिवाजी ने पुरन्दर की सन्धि क्यों की?

पुरन्दरगढ़ को जीतने की खातिर दिलेर खान ने लगातार दो महीने अथक मेहनत की। लेकिन बारूद के अजस्त्र भंडार, लक्षावधि रुपए और हजारों सैनिकों के…

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Murar-Baji

शिवाजी ‘महाराज’ : मरते दम तक लड़े मुरार बाजी और जाते-जाते मिसाल कायम कर गए

दिलेर खान ने वज्रगढ़ के मचान पर तोपें चढ़ा दीं। भयंकर बमबारी की। गढ़ की चारदीवारी में दरार पड़ गई। किले में मौजूद मराठों ने…

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Mirza Raja Jaisingh

शिवाजी ‘महाराज’ : जब ‘शक्तिशाली’ पुरन्दरगढ़ पर चढ़ आए ‘अजेय’ मिर्जा राजा

मिर्जा राजा जयसिंह। राजस्थान के आमेर के महाराजा थे। बहुत बहादुर। बड़े कूटनीतिज्ञ भी। आठ साल की उमर में वह मुगल सम्राट जहाँगीर के सरदार…

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Sindhudurg

शिवाजी ‘महाराज’ : सिन्धुदुर्ग यानी आदिलशाही और फिरंगियों को शिवाजी की सीधी चुनौती

महाराज ने एक नौदलीय मुहिम की योजना बनाई। कारवार किनारे के बसनूर शहर पर हमला करना था। मालवन बन्दरगाह से जहाजों का काफिला लेकर महाराज…

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jijau tula

शिवाजी महाराज : जब शिवाजी ने अपनी आऊसाहब को स्वर्ण से तौल दिया

कोंकण के कुडाल में खवास खान डेरा डाले बैठा था। वह बाजी घोरपड़े का इंतजार कर रहा था। इतने में दलबल सहित महाराज ही वहाँ…

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Jiajau

शिवाजी महाराज : “माँसाहब, मत जाइए। आप मेरी खातिर यह निश्चय छोड़ दीजिए”

महाराज राजगढ़ के समीप पहुँचे। तभी उन्हें अपने पिता की मौत की खबर मिली। साथ ही यह खबर भी कि राजगढ़ पर जिजाऊसाहब सती होने…

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Surat Loot

शिवाजी महाराज : आखिर क्यों शिवाजी की सेना ने तीन दिन तक सूरत में लूट मचाई?

सूरत को बचाने की कोई सूरत नहीं निकाली इनायतखान ने। उगाही तो खैर दी हो नहीं उसने। पर सूरत की रक्षा के लिए लड़ा भी…

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Shista Khan

शिवाजी महाराज : जब शाइस्ता खान की उँगलियाँ कटीं, पर जान बची और लाखों पाए

महाराज ने प्रतापगढ़ पर भवानीदेवी की प्राण-प्रतिष्ठा की (जुलाई 1661)। इधर, बरसात का मौसम होने से पहले ही मुगलों ने देहरीगढ़ को घेर लिया। लेकिन…

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Shivaji

शिवाजी महाराज : “उखाड़ दो टाल इनके और बन्द करो इन्हें किले में!”

कारतलब खान से उगाही के तौर पर महाराज ने बहुत बड़ी रकम वसूल ली। सुरक्षा के लिए नेताजी को वहीं पर छोड़ तान्हाजी, पिलाजी आदि…

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kartalab Khan-Shivaji Maharaj

शिवाजी महाराज : कौन था जो ‘सिर सलामत तो पगड़ी पचास’ कहते हुए भागा था?

पन्हालगढ़ पर कब्जा पाने के लिए सिद्दी जौहर अब भी जूझ रहा था। उसका प्रतिरोध करने बादशाह अली आदिलशाह मिरज तक आ गया था। स्थिति…

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