जौहर ने महाराज को पूरे चार महीने पन्हाला में बन्द रखा था। लेकिन अब उनके अचानक भाग निकलने से उसके दुःख का पार नहीं रहा।…
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शिवाजी महाराज : अपने बलिदान से एक दर्रे को पावन कर गए बाजीप्रभु देशपांडे
कल-कल बहती आषाढ़ की धाराओं के साथ मावलों का खून बह रहा था। एक हो रहा था। उधर, बीच राह की कासारी नदी और नाले-पनाले…
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जासूस छिपकली के पैरों से टोह ले रहे थे। झाड़-झंखाड़ और नालों-पनालों से भरे लम्बे-चौड़े विस्तार में एक जगह पर उनकी नजर रुक गई। वहाँ…
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सिद्दी के घेरे में खड़ीं तोपें पन्हाला पर आग उगल रहीं थीं। लेकिन इससे पन्हाला को कोई क्षति नहीं पहुँची। सिद्दी ने पहचान लिया कि…
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“पन्हालगढ़ स्वराज्य में आ गया। पन्हाला जैसा प्रचंड और बलाढ्य गढ़ मिलने से स्वराज्य की ताकत बढ़ गई। पन्हाला से सटकर एक और छोटा सा…
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अफजल खान का सिर महाराज ने राजगढ़ को रवाना किया। फतह की खबरें आऊसाहब के पास पहुँच गई। खबरें खुशियों के रंग बिखेरतीं आऊसाहब के…
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खान जब बीजापुर से चला था तो विदाई से पहले बादशाह अली आदिल शाह और बड़ी बेगम ने साफ शब्दों में कह दिया था, “उस…
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शिवाजी राजे ने अफजल खान से लोहा लेने की ठान ली। इसी अफजल खान ने बेड़ियाँ डालकर उनके पिता की बारात निकाली थी। इसी ने…
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कोंकण में शिवाजी राजे ने तहलका मचा दिया था। बीजापुर दरबार में लगातार वही खबरें आ रही थीं। शाही दौलत को जबर्दस्त खतरा पैदा हो…
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शिवाजी राजे का ध्यान अब कोंकण किनारे पर लगा हुआ था। उन्हें साफ नजर आ रहा था कि पश्चिम का यह सिन्धु सागर स्वराज्य-सत्ता के…
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