उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में
View More महाकुम्भ…,वक़्फ़ की ज़मीन पर! अब बताइए, क्या कहेंगे इस दावे पर?Tag: सरोकार
अधर्मसापेक्षता आत्मघाती है, रक्षा वैदिक यज्ञ संस्कृति से होगी
शृंखला के पूर्व भागों में हमने सनातन के नाम पर प्रचलित भ्रांतियों को देखा। इन भ्रांतियों के प्रचलित और प्रभावशाली होने के कारण यानी वैदिक…
View More अधर्मसापेक्षता आत्मघाती है, रक्षा वैदिक यज्ञ संस्कृति से होगीमाने या नहीं, स्मार्ट फोन, मुफ़्त इन्टरनेट और ‘सोशल’ मीडिया ‘अब महामारी’ बन रही है!
पहले चन्द सुर्ख़ियों पर नज़र डालिए। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), इन्दौर का एक छात्र था, रोहित। प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। उसके हाथ…
View More माने या नहीं, स्मार्ट फोन, मुफ़्त इन्टरनेट और ‘सोशल’ मीडिया ‘अब महामारी’ बन रही है!धन्य हो सरकार : 40 साल का काम 4 दिन में किया, या 4 दिन के काम में 40 साल लगाए?
काम हुआ आख़िर और अच्छा हुआ। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के माथे पर लगा कलंक धुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई। यहाँ की जिस…
View More धन्य हो सरकार : 40 साल का काम 4 दिन में किया, या 4 दिन के काम में 40 साल लगाए?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : डायन का अभिशाप है ये, हे भगवान हमें बचाओ!
बर्फीली ओस ने उसके चेहरे को जो ठंडक दी, वह किसी नए आतंक की आमद का ऐलान भी था। इसलिए कि इससे पहले किसी को…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : डायन का अभिशाप है ये, हे भगवान हमें बचाओ!भगवान के दर्शन भी ‘वीआईपी’ बनकर, तनकर करेंगे, तो सज़ा के रूप में ज़ेब कटेगी ही!
एक और साल ख़त्म होने को है। बस, कुछ घंटे बचे हैं 2024 की विदाई में। इसके बाद 1 जनवरी 2025 की सुबह देश के…
View More भगवान के दर्शन भी ‘वीआईपी’ बनकर, तनकर करेंगे, तो सज़ा के रूप में ज़ेब कटेगी ही!ध्याान रखिए, करियर और बच्चों के भविष्य का विकल्प है, माता-पिता का नहीं!
अपने करियर के साथ-साथ माता-पिता के प्रति ज़िम्मेदारियों को निभाना मुश्क़िल काम है, है न? यह सवाल मेरे ज़ेहन में अभी रविवार को ख़ास तौर…
View More ध्याान रखिए, करियर और बच्चों के भविष्य का विकल्प है, माता-पिता का नहीं!हमारे राष्ट्रगान में जिस ‘अधिनायक’ का ज़िक्र है, क्या वह ‘भारत की नियति’ ही है?
भारत के राष्ट्रगान ‘जन गण मन…’ से जुड़ी अहम तारीख़ है, 27 दिसम्बर। सन् 1911 में इसी तारीख़ को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता (कोलकाता…
View More हमारे राष्ट्रगान में जिस ‘अधिनायक’ का ज़िक्र है, क्या वह ‘भारत की नियति’ ही है?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : किसी लड़ाई का फैसला एक पल में नहीं होता
वह रोध था, दुख के कारण आधा पगलाया हुआ सा। अभी जो भी उसके पास आने की कोशिश करता, वह उसे बंदूक लहराकर डराने की…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : किसी लड़ाई का फैसला एक पल में नहीं होताजंगल कम, पेड़ ज्यादा हो गए… मतलब? जंगली जानवरों के घर में इंसान ने घुसपैठ कर ली!
अभी बीते शनिवार, 21 दिसम्बर को केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की। ‘भारत के वनों की स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर)- 2023’ इसका नाम है।…
View More जंगल कम, पेड़ ज्यादा हो गए… मतलब? जंगली जानवरों के घर में इंसान ने घुसपैठ कर ली!