Mayavi Amba-7

‘मायावी अंबा और शैतान’ : सुअरों की तरह हम मार दिए जाने वाले हैं!

कुछ मर्दों के सीने में न, जैसे कोई किरच होती है। इससे उनका दिल ऐसे ठंडा हो जाता है, जैसे बर्फ का लौंदा। लेकिन तारा…

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Delhi Robotics League

‘दिल्ली रोबोटिक्स लीग’ : स्कूली बच्चों के लिए एक सरकारी आयोजन… कभी, कहीं सुना है?

शिक्षा या ज्ञान मानव जीवन में हासिल की जाने वाली सबसे उत्कृष्ट और सबसे अद्भुत चीज है। अगर मानव को शिक्षित होने का अवसर मिल…

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Mayavi Amba-6

‘मायावी अंबा और शैतान’ : बुढ़िया, तूने उस कलंकिनी का नाम लेने की हिम्मत कैसे की!

……“तुम इस बच्ची के भीतर क्यों हो?” ओझन ने हम से सवाल किया लेकिन उसे सपने में भी उम्मीद नहीं थी कि हम उसे जवाब…

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Mayavi Amba-5

‘मायावी अंबा और शैतान’ : “मर जाने दो इसे”, ये पहले शब्द थे, जो उसके लिए निकाले गए

# उसे # “मर जाने दो उसे”, ये पहले शब्द थे, जो जन्म के समय उसके लिए निकाले गए। हमें पता है क्योंकि हम वहीं…

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Mayavi Amba-4

‘मायावी अंबा और शैतान’ : मौत को जिंदगी से कहीं ज्यादा जगह चाहिए होती है!

अब तक वहाँ का माहौल ऐसा हो चुका था जैसे कुछ बड़ा होने वाला हो। मगर वे लोग जिस प्राचीन ‘हबीशी’ जनजाति से ताल्लुक रखते…

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Mayavi Amba-3

मायावी अंबा और शैतान : “अरे ये लाशें हैं, लाशें… इन्हें कुछ महसूस नहीं होगा”

तभी तेज हवा का थपेड़ा अंबा के चेहरे से टकराया और उसके गले से होते हुए भीतर पेट तक उतर गया। इससे उसे ऐसा लगा…

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Mayavi Amba-2

‘मायावी अंबा और शैतान’ : वे लोग नहीं जानते थे कि प्रतिशोध उनका पीछा कर रहा है!

खून जमा देने वाली सर्दी में बर्फ पर चलते हुए तलाशी दस्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था। सर्द हवा ऐसी चुभ रही थी, जैसे शरीर…

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Mayavi Amba-1

‘मायावी अंबा और शैतान’ : जन्म लेना ही उसका पहला पागलपन था

वह छोटी बच्ची पूरी रात अपनी माँ को तलाशती रही। जोतसोमा के जंगल की बाड़ के पास पहुँचते ही उसकी साँसें थम गईं। एकाएक वह…

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Tree

अगर पेड़ भी चलते होते…. तो क्या होता? सुनिएगा!

अगर पेड़ भी चलते होतेअगर पेड़ भी चलते होतेकितने मज़े हमारे होतेबांध तने में उसके रस्सीचाहे जहाँ कहीं ले जाते जहाँ कहीं भी धूप सतातीउसके…

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Shri-Ram katha

हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की

भारत भवन, भरत नाट्यम और श्रीराम की कथा। यह अद्भुत मेल बना 19 जून को। मौका था, ‘गोस्वामी तुलसीदास समारोह’ का। वैसे, भगवान श्रीराम के…

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