70,000 करोड़!! सोचिए, रेस्त्रांओं में बिलों की धाँधली का यह सिर्फ 10 प्रतिशत है!

टीम डायरी

देशभर में रेस्त्राँ मालिक कैसे आम आदमी के साथ सरकार से भी धोखाधड़ी करते हैं, इसका एक बड़ा खुलासा हुआ है। आयकर विभाग ने देश के लगभग 1.77 लाख रेस्त्राँओं के बिलों की जाँच-पड़ताल की है। इस पड़ताल के दौरान पता चला कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-2025 के बीच यानि की छह सालों में 70,000 करोड़ रुपए की कर-चोरी की गई है। अलबत्ता, यह आँकड़ा भी पूरा नहीं है क्योंकि जिस बिलिंग-सॉफ्टवेयर के आँकड़े खँगालने के बाद यह धाँधली पकड़ी गई, उसे देशभर के सिर्फ 10 प्रतिशत रेस्त्राँ मालिक उपयोग करते हैं। 

देश के एक बड़े अखबार ने इस जाँच के बाबत सूचना दी है। इसके मुताबिक, हाल ही में आयकर विभाग ने पहले-पहल बिलों में गड़बड़ी ओर कर चोरी की आशंका के बाद हैदराबाद के एक मशहूर रेस्त्राँ पर छापा मारा था। इस रेस्त्राँ की शाखाएँ देशभर में फैली हैं और यह स्वादिष्ट बिरयानी परोसने के लिए मशहूर है। हालाँकि यह रेस्त्राँ बिलिंग के लिए जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता है, उसमें दर्ज आँकड़ों-जानकारियों (डाटा) की जब पड़ताल की गई और उसका दायरा बढ़ाया गया, तो जाँचकर्ताओं की आँखें फटी रह गईं। इसमें पता चला कि सिर्फ यही रेस्त्राँ ही नहीं, लगभग सभी रेस्त्राँओं का सूरत-ए-हाल यही है। वे कमाई अधिक करते हैं और फिर बेखौफ अंदाज में सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ भी करते हैं। इस तरहअपनी आमदनी को कम दिखाकर आयकर व अन्य करों से बचते हैं।

कैसे करते हैं यह सब? जाँचकर्ताओं के मुताबिक, रेस्त्राँ मालिक सभी तरह आमदनी को बिलिंग सॉफ्टवेयर में डालते हैं। मतलब, नगद आमदनी, डेबिट-क्रेडिट कार्ड से आने वाली रकम, यूपीआई से हुए भुगतान, आदि सब। इसलिए ताकि उनकी दुकान का कोई अन्य कर्मचारी वित्तीय गड़बड़ी न कर सके, सब कुछ उनकी निगाह में रहे और हिसाब-किताब मुकम्मल रहे। इसका तरह अपने नुकसान को बचाने का पूरा इंतजाम कर लेते हैं। लेकिन सरकार का नुकसान करने से रत्तीभर भी परहेज नहीं करते। इसके लिए रेस्त्राँ मालिक खुद अपने हाथ से किन्हीं-किन्हीं दिनों, या महीनों की लगभग पूरी नगद आमदनी का रिकॉर्ड ही बिलिंग सॉफ्टवेयर से हटा देते हैं। और नगद आमदनी का चूँकि कोई ओर-छोर पाना मुश्किल होता है, तो यह छेड़छाड़ आसानी से किसी की निगाह में नहीं आती। 

इस तरह हजारों करोड़ रुपए की धाँधली रोज होती है, देश में। सूचना के मुताबिक, अभी जो 70,000 करोड़ की कर-चोरी पकड़ी है, उसमें कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और गुजरात सबसे ऊपर के पायदानों पर खड़े हैं। और हाँ, एक और बात गौर करने की है। आयकर विभाग ने इस कर-चोरी का खुलासा कृत्रिम-बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से किया है क्योंकि बिलिंग सॉफ्टवेयर में पंजीकृत इन पौने दो लाख रेस्त्राँओं के 60 टेराबाइट से अधिक के आँकड़ों को सटीक तरीके से चंद दिनों के भीतर खँगाल लेना इंसानी क्षमता के वश की बात नहीं थाी। तो इस तरह एआई के सदुपयोग की भी यह एक मिसाल बनी है।

पर सोचिए जरा, अगर धाँधली का खुलासा सिर्फ 10 प्रतिशत है, तो पूरे देश के रेस्त्राँओं की पड़ताल अगर हो, तो कितनी बड़ी कर-चोरी का भण्डाफोड़ होगा? लगभग 7-8 लाख करोड़ रुपए शायद। और इन रेस्त्राँओं में तो भोजन भी कोई उच्च गुणवत्ता का ही मिलता हो, ऐसा भी नहीं है। हाँ, स्वाद जरूर हो सकता है, मगर क्या उस ‘बाहरी स्वाद’ के लिए हम इतनी बड़ी कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं? क्योंकि, याद रखिए कर-चोरी का यह पैसा धन्नासेठों का नहीं, आम जनता है और आम जनता के लिए ही है।

सोशल मीडिया पर शेयर करें
Neelesh Dwivedi

Share
Published by
Neelesh Dwivedi

Recent Posts

पर्यावरण दिवस, ईंधन बचाने की बातें और निजी कारों का ऐसा तमाम-जाम, दिलचस्प है न?

मैं बेंगलुरू में जहाँ रहता हूँ, वहाँ अपने घर के सामने रोज इस तरह का… Read More

4 hours ago

लिंक्डइन के जरिए नौकरी का जाल, चीन से पाँच देशों की जासूसी, भारतीय भी सावधान रहें!

लिंक्डइन के जरिए नौकरी का जाल बिछाकर, रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को काम… Read More

1 day ago

‘शिक्षक’ ने अपने कौड़ी के ज्ञान से ‘पत्रकार’ को दो कौड़ी का साबित कर दिया, देखिए वीडियो!

देश की एक जानी-मानी ‘पत्रकार’ ने ऑनलाइन पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए कह दिया कि… Read More

2 days ago

क्या हम भारतीयों को सार्वजनिक नियम-कायदे मानने की तमीज नहीं? अभी बहस तो यही है!

अभी एक-दो दिन से मीडिया-सोशल मीडिया में यह बहस चल रही है कि हम भारतीयों… Read More

3 days ago

अपने हिस्से का योगदान दीजिए, वरना लू के थपेड़ों से रोज 3,400 लोग मरने लग जाएँगे!

एक नया अध्ययन हुआ है। इसमें भारत और उसके आस-पास के देशों में लगातार बढ़ती… Read More

4 days ago

इस लड़की ने दो लाख की नौकरी छोड़कर 60 हजार रुपए महीने में खुशी खरीदी है!

खुशी पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। ज्यादातर लोग अमूमन बड़ी से बड़ी नौकरी… Read More

5 days ago