Heather Dorniden

देखिए… हारते सिर्फ़ वही हैं, जो दौड़ में गिरने बाद फिर से उठकर दौड़ते नहीं!

इस तरह के वीडियो और भी बहुत से मिल जाएँगे। हालाँकि यहाँ नीचे जो वीडियो दिया गया है, वह साल 2008 का है। अमेरिका में…

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Triangle

तरबूज पर त्रिकोण : किताबों से परे हटकर कुछ नए उत्तरों के लिए तत्पर रहना चाहिए!

बच्चे इन दिनों मिट्टी से विभिन्न प्रकार के आकार बना रहे हैं। इन आकारों में लम्बाई, चौड़ाई के साथ-साथ ऊँचाई भी होगी। इस प्रकार वो…

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Delhi-Slum

बेहतर है कि इनकी स्थिति में सुधार लाया जाए, एक कदम इनके लिए भी बढ़ाया जाए

स्कूल से घर लौटते वक्त अक्सर मानसरोवर पार्क के पास की झुग्गियों पर नज़र पड़ जाया करती है। इनके बारे में इतना कभी नहीं सोचा।…

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Bhishm

पूरा ‘अस्पताल’ आसमान से ज़मीन पर गिरा दिया और कुछ भी टूटा-फूटा नहीं!!

ये बदलते भारत की कुछ और जीवन्त तस्वीरें हैं। लेकिन जैसा कि अमूमन होता है, इनमें कोई मसाला नहीं है इसलिए ये सुर्ख़ियाँ भी तुलनात्मक…

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BooK Hotel

दादी के बटुए से निकला पुस्तकों का होटल – ‘आज्जीचं पुस्तकांचं होटेल’

दादी-नानाी के बटुए से क्या-कुछ नहीं निकलता। क़िस्से-कहानियाँ निकलते हैं। घर चलाने, रिश्ते निभाने, सेहतमन्द रहने के नुस्ख़े निकलते हैं। कभी-कभी तो बहुत ज़बर्दस्त आइडिया…

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Love

पूछती हो, तुम्हारा प्रेम क्या है? सुनो…

पूछती हो, तुम्हारा प्रेम क्या है? सुनो!  तुम जानती हो मुझे शायद मुझसे बेहतर ही।चंद शौक, यादों और नापसंदगियों की दास्तां है।। और तुम भी…

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Rajendra Singh

‘जल पुरुष’ राजेन्द्र सिंह जैसे लोगों ने राह दिखाई, फिर भी जल-संकट से क्यूँ जूझते हम?

गर्मियों के मौसम देश के किसी न किसी हिस्से में ‘पानी की कमी’ की ख़बरें अक्सर पढ़ती हूँ। मिसाल के तौर पर बेंगलुरू में पानी…

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Family

‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘परिवार दिवस’- क्या हम ‘परिवार’ की भारतीय अवधारणा समझते हैं?

नए दौर के चलन के मुताबिक, आज 15 मई, बुधवार को ‘परिवार दिवस’ मना लिया गया। हालाँकि कोई भी दिवस मनाना मेरे लिए बस इतना…

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mothers-day

भगवान सबके पास नहीं हो सकते, इसलिए माँ बनाई, उसके लिए रोज 10 मिनट दीजिए

माता के समान कोई छाया नहीं। कोई आश्रय नहीं, कोई सुरक्षा नहीं। माता के समान इस विश्व में कोई जीवनदाता नहीं। नमस्कार, आप सभी को।…

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Manoj-Komal

आओ कोई ख़्वाब बुनें : ऐसे सिद्धान्तों के साथ जीवन मुश्किल है, पर हम लगे हैं कि…

मनोज कुयटे और कोमल कुयटे महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के संग्रामपुर तालुका के रहने वाले हैं। मनोज ने टाटा सामाजिक संस्थान, मुम्बई से जल नीति…

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