इस छोटी बच्ची का नाम है हुरमत इरशाद भट्ट। कश्मीर के एक ग्रामीण इलाक़े से ताल्लुक़ रखती है। उम्र महज़ नौ साल है। अभी तीसरी…
View More कश्मीर की इस बच्ची में ‘ड्राइव’ है, ‘कवर’ चाहिए…, मिला तो क्रिकेट का सितारा बनेगीCategory: चहेते पन्ने
आपका रंग जैसा भी हो, काम का रंग पक्का होना चाहिए
मैं मम्मी से मिलने गई थी। नवरात्रि में अपनी माँ से मिलना ज़रूरी होता है। चलते वक़्त वो कहती हैं, “तुम्हारा रंग दबता जा रहा…
View More आपका रंग जैसा भी हो, काम का रंग पक्का होना चाहिए‘संस्कृत की संस्कृति’ : ऋषि कौन, वेद क्या और मंत्र क्या?
आचार्य कौत्स वेद मंत्रों को निरर्थक कहते हैं। लेकिन कौत्स के प्रश्नों का उत्तर देते हुए आचार्य यास्क कहते हैं- मंत्र कोई सामान्य कथन नहीं…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : ऋषि कौन, वेद क्या और मंत्र क्या?छोटे कारोबारी कैसे स्थापित कारोबारियों को टक्कर दे रहे हैं, पढ़िए अस्ल कहानी!
पिछले महीने मैं पुणे गया हुआ था। अपने कारोबार के सिलसिले में मुझे वहाँ किसी से मिलना था। सुबह 10 बजे बैठक शुरू होने वाली…
View More छोटे कारोबारी कैसे स्थापित कारोबारियों को टक्कर दे रहे हैं, पढ़िए अस्ल कहानी!ऑनलाइन दुनिया में भिखमंगों-दानियों का खेल और ग़ैरहाज़िर सरगना
जीव में लोभ प्राकृत है। हम सब चाहते हैं कि हमें कोई कुछ दे दे। किसी से हमें कुछ मिल जाए। जीवों के आपसी सम्बन्ध…
View More ऑनलाइन दुनिया में भिखमंगों-दानियों का खेल और ग़ैरहाज़िर सरगना‘संस्कृत की संस्कृति’ : बहस क्या है… वाद या वितण्डा? जानने के लिए पढ़िए
प्राय: हम देखते हैं कि भारतीय संस्कृति के प्रतीकों और मान्यताओं को ही नहीं अपितु संस्कृति से जुड़े छोटे-छोटे विचारों, कथनों, वाक्यों और यहाँ तक…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : बहस क्या है… वाद या वितण्डा? जानने के लिए पढ़िएकवियों की चुटकुलेबाज़ी के बीच : यह अँधेरे की सड़क उस भोर (मनु वैशाली) तक जाती तो है…
ये दौर सोशल मीडिया का है। इसलिए हर कोई इन सोशल मीडिया के माध्यमों से मशहूर होना चाहता है। और अब तो मशहूरियत के स्तर…
View More कवियों की चुटकुलेबाज़ी के बीच : यह अँधेरे की सड़क उस भोर (मनु वैशाली) तक जाती तो है…पद का दुरुपयोग तो सब करते हैं, मगर उसका सदुपयोग इन जज साहब से सीखिए!
कहते हैं ‘पद के साथ मद’ यानि घमंड तो आ ही जाता है। और ‘मद’ के प्रभाव में पद के दुरुपयोग की सम्भावनाएँ भी हमेशा…
View More पद का दुरुपयोग तो सब करते हैं, मगर उसका सदुपयोग इन जज साहब से सीखिए!ख़ुद के अंदर कहीं न कहीं, तुम अब भी मौजूद हो
मैं मिल जाती हूँ ख़ुद से जब हवा मुझे छूकर गुज़रती है वो याद दिलाती है मुझे बार बार कि मैं मौजूद हूँ सूखे पत्तों…
View More ख़ुद के अंदर कहीं न कहीं, तुम अब भी मौजूद हो‘परवरिश हो तो ऐसी’… चीन की कहानी बताकर ऐसा लिखने-पढ़ाने वाले ख़ुद क्या करते हैं?
बीते चार-पाँच दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर चीन की एक कहानी सुर्ख़ियों में है। ये ‘प्रेरक’ है और ‘रोचक-सोचक’ भी।…
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