ऐसे बढ़िया उच्चारण के साथ ‘श्रीगणेश स्तोत्र’ सुनने मिलना वास्तव में सुखद अनुभूति देता है

पूरा देश इन दिनों गणपति बप्पा की आराधना में जुटा है। उनसे कामना कर रहा है, विनती कर रहा है कि वे अपने ‘विघ्नहर्ता’ स्वरूप के…

View More ऐसे बढ़िया उच्चारण के साथ ‘श्रीगणेश स्तोत्र’ सुनने मिलना वास्तव में सुखद अनुभूति देता है

सुकून वहाँ नहीं जहाँ हम ढूँढ़ते हैं

जीवन की आपाधापी। तरक्की के ऊँचे पायदान। खूब पैसा। तमाम सुविधाएँ। लेकिन क्या इन सब को पाकर हम खुश हैं? संतुष्ट हैं? हमारा मन शान्त…

View More सुकून वहाँ नहीं जहाँ हम ढूँढ़ते हैं

एक बच्ची की चाहत- मैं मोबाइल बनना चाहती हूँ

एक कहानी छोटी सी….  उस रोज पेशे से स्कूल शिक्षक सीमा अपनी कक्षा के बच्चों की कॉपियाँ जाँचने के लिए घर ले आई थीं। घर के रोज़मर्रा…

View More एक बच्ची की चाहत- मैं मोबाइल बनना चाहती हूँ

हमारी सोच और ईश्वर का न्याय

अक्सर हम ईश्वर के न्याय पर सवाल उठाते हैं। हमारी यह मनोदशा खास तौर पर उस समय होती है, जब हमें लगता है कि हमारे…

View More हमारी सोच और ईश्वर का न्याय

किसी का पत्थर, किसी के लिए हीरा

कई बार कहा सुना गया है कि ‘हीरे की कीमत, जौहरी ही जानता है’। लेकिन क्या हमने इसी कहावत के दूसरे पहलुओं को भी जाना-समझा…

View More किसी का पत्थर, किसी के लिए हीरा

कुछ ऐसा कीजिए उपाय, सारी कड़वाहट दूर हो जाए

होली त्यौहार है रंग का, उमंग का। पर अगर दिलों में कड़वाहट घुली हो तो जीवन में न कोई उमंग रह जाती है, न रंग।…

View More कुछ ऐसा कीजिए उपाय, सारी कड़वाहट दूर हो जाए

पानी की कहानी, पानी की ज़ुबानी : मैं जल… मैं कल… मुझे सुनिए… मैं घायल!

मैं, जल, आपका प्राण। मेरी एक घूँट में ही जन्नत का आराम मिलता है। जब आप मुझे पीते हैं तो पानी हो जाता हूँ। जब…

View More पानी की कहानी, पानी की ज़ुबानी : मैं जल… मैं कल… मुझे सुनिए… मैं घायल!

आचार्य चार्वाक के मत का दूसरा नाम ‘लोकायत’ क्यों पड़ा?

भरत अपने ननिहाल से वापस अयोध्या पहुँचते हैं। अयोध्या में स्थितियाँ बहुत विकट थीं। एक तरफ राज सिंहासन प्रतीक्षा कर रहा था। दूसरी तरफ पिता की…

View More आचार्य चार्वाक के मत का दूसरा नाम ‘लोकायत’ क्यों पड़ा?

जयन्ती विशेषः अपने प्रिय कवि माखनलाल चतुर्वेदी की याद और पुष्प की अभिलाषा

आज फेसबुक स्क्रॉल करते हुए ‘डायरी’ की एक पोस्ट सामने आ गई। पोस्ट में एक सुन्दर तस्वीर पर माखनलाल चतुर्वेदी जी की कविता लिखी थी।…

View More जयन्ती विशेषः अपने प्रिय कवि माखनलाल चतुर्वेदी की याद और पुष्प की अभिलाषा

निर्मल वर्मा की जयन्ती और एक प्रश्न, किताबों से बड़ा ज्ञान या ज्ञान से बड़ी किताबें?

किताबें ज्ञान का स्रोत हैं या फिर ज्ञान किताबों के सृजन का माध्यम? इस प्रश्न पर विचार का भरा-पूरा कारण दिया है इस कविता ने। प्रश्न के…

View More निर्मल वर्मा की जयन्ती और एक प्रश्न, किताबों से बड़ा ज्ञान या ज्ञान से बड़ी किताबें?