प्रतीकात्मक तस्वीर
टीम डायरी
वैसे तो पूरा हिमाचल प्रदेश ही ख़ूबसूरती की दुशाला (शॉल जैसा वस्त्र) ओढ़े हुए है। लेकिन यहाँ एक जगह है परवाणु। वह अपनी अलग पहचान रखता है। इंडिया-एक्ज़िम बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों का दल जब यहाँ घूमने पहुँचा, तो उन्हें इस जगह की विशिष्टता का अनुभव हुआ। इस अनुभव को उन्होंने कैमरों में क़ैद कर लिया। इसके बाद अब वे कभी भी उन तस्वीरों के जरिए अपनी पिछली स्मृतियों को वर्तमान में जीवन्त कर लिया कर लेते हैं। बैंक अधिकारियों के उस दल में शामिल रहे स्वरूप चक्रवर्ती ने भी यही किया है।
स्वरूप ने परवाणु की तस्वीरों का सुन्दर गुलदस्ता बनाया है। इसके बाद उस गुलदस्ते में अपनी ही शानदार आवाज़ की महक भी भरी है। और फिर इस ख़ुशबू से सोशल मीडिया को महकाया है। साथ ही #अपनीडिजिटलडायरी के सदस्यों को भी मौक़ा दिया है कि वे इस सुगन्ध को अपने नथुनों के रास्ते दिल-दिमाग़ में उतार सकें। परवाणु में व्याप्त पॉज़िटिविटी यानी सकारात्मकता के परमाणु को अपने आस-पास महसूस कर सकें।
आनन्द लीजिएगा।
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(स्वरूप चक्रवर्ती इंडिया-एक्ज़िम बैंक में वरिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने अपना यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है। और #अपनीडिजिटलडायरी को इसके इस्तेमाल की अनुमति दी है।)
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