पूर्व सेनाध्यक्ष सैम मानेकशॉ को उनकी बहादुरी की वजह से ही ‘सैम बहादुर’ कहा जाता था।
टीम डायरी
फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ। हिन्दुस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष। वे जो इन्दिरा गाँधी जैसी शक्तिशाली प्रधानमंत्री से आँख मिलाकर बातें करने का साहस रखते थे। वे जिन्होंने सही मायने में नैतिक और शारीरिक साहस का परिचय दिया। वह भी अपनी ही मिसालों के साथ। वे जिन्होंने राजनैतिक सत्ता के सामने ‘न’ भी कहा तो इस तार्किकता के बलबूते कि कोई भी उनकी बात टाल नहीं सका। वे ‘सैम बहादुर’ इस वीडियो में तमाम उदाहरणों के साथ बता रहे हैं कि नेता और नेतृत्त्व के गुण क्या होते हैं। क्या होने चाहिए।
इस वीडियो में ‘सैम बहादुर’ उस लोकप्रिय थ्योरी को भी काटते सुने जा सकते हैं, जिसमें कहा जाता है कि ‘लीडर जन्मजात’ होते हैं, बनाए नहीं जा सकते। फील्ड मार्शल कहते हैं कि सामान्य समझ वाला कोई भी इंसान उनके हवाले कर दिया जाए, वे उसे एक अच्छे ‘लीडर’ में ढाल सकते हैं। पूरा वीडियो सुनने लायक है। सोचने-समझने लायक भी।
—–
नोट : मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुए कार्यक्रम का यह वीडियो #अपनीडिजिटलडायरी पर जागरुकता के प्रसार के उद्देश्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। इस वीडियो पर डायरी का कोई कॉपीराइट का दावा नहीं है। इससे जुड़े सभी अधिकार उन्हीं (सम्भवत: सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुम्बई) के पास सुरक्षित हैं, जिन्होंने यह वीडियो मूल रूप से बनाया है।
अभी सोमवार, 20 जुलाई को संसद का मॉनसून सत्र शुरू हुआ। इससे कुछ समय पहले… Read More
कलि युग में भक्ति मार्ग पाखण्ड से घिरा रहता है, इसलिए भगवान के भजन-पूजन, नाम… Read More
शिक्षा प्रणाली में मूलभूत सुधार और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग… Read More
भाषा को लेकर बेवजह की हाय-तौबा मची हुई इन दिनों। वजह वही, पीढ़ियों से भारतीय… Read More
जिन्दगी अपनी है, चुनाव भी अपने ही होते हैं। ऐसा अक्सर कहा जाता है। लेकिन… Read More