‘लीडर’ पैदाइशी होता है, ये सही नहीं, बनाया भी जा सकता है…सैम मानेकशॉ से सुनिए कैसे!

टीम डायरी

फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ। हिन्दुस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष। वे जो इन्दिरा गाँधी जैसी शक्तिशाली प्रधानमंत्री से आँख मिलाकर बातें करने का साहस रखते थे। वे जिन्होंने सही मायने में नैतिक और शारीरिक साहस का परिचय दिया। वह भी अपनी ही मिसालों के साथ। वे जिन्होंने राजनैतिक सत्ता के सामने ‘न’ भी कहा तो इस तार्किकता के बलबूते कि कोई भी उनकी बात टाल नहीं सका। वे ‘सैम बहादुर’ इस वीडियो में तमाम उदाहरणों के साथ बता रहे हैं कि नेता और नेतृत्त्व के गुण क्या होते हैं। क्या होने चाहिए। 

इस वीडियो में ‘सैम बहादुर’ उस लोकप्रिय थ्योरी को भी काटते सुने जा सकते हैं, जिसमें कहा जाता है कि ‘लीडर जन्मजात’ होते हैं, बनाए नहीं जा सकते। फील्ड मार्शल कहते हैं कि सामान्य समझ वाला कोई भी इंसान उनके हवाले कर दिया जाए, वे उसे एक अच्छे ‘लीडर’ में ढाल सकते हैं।  पूरा वीडियो सुनने लायक है। सोचने-समझने लायक भी।
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नोट : मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुए कार्यक्रम का यह वीडियो #अपनीडिजिटलडायरी पर जागरुकता के प्रसार के उद्देश्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। इस वीडियो पर डायरी का कोई कॉपीराइट का दावा नहीं है। इससे जुड़े सभी अधिकार उन्हीं (सम्भवत: सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुम्बई) के पास सुरक्षित हैं, जिन्होंने यह वीडियो मूल रूप से बनाया है।

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Neelesh Dwivedi

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