सांकेतिक तस्वीर
नीलेश द्विवेदी, भोपाल मध्य प्रदेश
जय जय श्री राधे
श्री राधाकृष्णार्पणम् अस्तु, श्री राधा-कृष्ण को समर्पित…, श्री राधाकृष्णाभ्याम् नम:, श्री राधा-कृष्ण को प्रणाम।
—–
नोट : यह श्रृंखला गीता प्रेस की आधिकारिक पुस्तक ‘श्री भक्तमाल’ में उल्लिखित कथा-प्रसंगों पर आधारित है। इसके प्रकाशन-प्रसारण के पीछे हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि गीता प्रेस के ऐसे उच्च स्तर के ऐतिहासिक, पौराणिक महत्त्व के ग्रंथ के प्रचार-प्रसार में #अपनीडिजिटलडायरी की ओर से थोड़ा योगदान हो सके। साथ ही #डायरी से जुड़े पाठकों को इसका लाभ हो। बहुत जल्द हम इसी श्रृंखला को #अपनीडिजिटलडायरी के यूट्यूब चैनल पर भी शुरू करने का इरादा रखते हैं।)
—-
श्रृंखला की पिछली 10 कड़ियाँ
11 – ‘सरल भक्तमाल’- 11..: तर्क कोई कितने भी दे, वैष्णव भक्ति के मूल सम्प्रदाय तो चार ही हैं!
10 – ‘सरल भक्तमाल’- 10..: अब हम सीधे कलियुग में हुए भगवान के भक्तों के चरित्र क्यों कहेंगे?
9 – ‘सरल भक्तमाल’- 9…: प्रियादास कौन थे, उन्होंने भक्तमाल-टीका 90 साल बाद कैसे लिखी?
8 – ‘सरल भक्तमाल’- 8…: श्री नाभादास जी का यह नाम कैसे पड़ा, और इसका मतलब क्या है?
7 – ‘सरल भक्तमाल’-7…: हनुमान जी हैं बाल-ब्रह्मचारी, तो नाभादास जी ‘हनुमानवंश’ के कैसे?
6 – ‘सरल भक्तमाल’-6…: श्री नाभादास जी के हाथों ‘भक्तदाम’ ग्रंथ प्रकट कैसे हुआ?
5 – ‘सरल भक्तमाल’-5…: तुलसीदास के ‘रामचरित मानस’ जैसा नाभादास का ‘भक्तमाल’
4 – ‘सरल भक्तमाल’-4…: असाधारण ग्रंथ, जिसकी कहानियाँ भगवान भी मन लगाकर सुनते हैं!
3 – ‘सरल भक्तमाल’-3…ठाकुर जी ने ‘अप्रत्यक्ष प्रोत्साहन’ दिलाया श्रीराजेन्द्रदास जी महाराज से!
2 – ‘सरल भक्तमाल’-2…ठाकुर जी ने भक्तमाल की सेवा में मुझे कैसे लगाया?
आश्चर्य लगे किंतु यह सत्य है कि जेन-जी में भले ही सरकारों को उखाड़ फैंकने… Read More
संसद के दोनों सदनों में बीते चार दिन से जारी हंगामे के बीच आखिर एक… Read More
प्रिय देशवासियो, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर की तस्वीरें मन को बेचैन कर… Read More
देशभर के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए हुई री-नीट (राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा- दोबारा आयोजित)… Read More
अभी सोमवार, 20 जुलाई को संसद का मॉनसून सत्र शुरू हुआ। इससे कुछ समय पहले… Read More
कलि युग में भक्ति मार्ग पाखण्ड से घिर जाता है, इसलिए भगवान के भजन-पूजन, नाम… Read More