नए विज्ञापन में विनोद काम्बली।
टीम डायरी
देश का जाना-माना आइसक्रीम ब्राण्ड ‘दिनशॉ’ और पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी विनोद काम्बली इन दिनों चर्चा में हैं। दरअसल, लम्बे समय बाद काम्बली किसी विज्ञापन में दिखाई दिए हैं, दिनशॉ आइसक्रीम के विज्ञापन में। उस विज्ञापन का वीडियो नीचे दिया गया है। इसमें काम्बली यह कहते हुए सुने जा सकते हैं, “जिनको लाइफ में थोड़ा कम मिले, उनके लिए थोड़ा ज्यादा, तीन गुना ज्यादा।” मीडिया और सोशल मीडिया पर जो बहस चली है, वह इसी लाइन की वजह से है। कई लोगों का मानना है कि दिनशॉ ने इस विज्ञापन-अभियान के जरिए मुश्किल दौर का सामना कर रहे विनोद काम्बली की एक तरह से मदद की है। क्योंकि इससे एक तो वह फिर सही कारण से सुर्खियों में आए हैं। दूसरा- उन्हें एक सम्मानजनक काम से पैसे कमाने का अवसर भी मिला है। जबकि बहुत से लोगों का तर्क यह भी है कि विनोद काम्बली की वर्तमान दशा से दिनशॉ ने अपना मुनाफा बनाने की कोशिश की है।
दूसरे वाले तर्क के समर्थन में विज्ञापन की दुनिया की कुछ नामी हस्तियाँ भी शामिल हैं। जैसे- वैश्विक विज्ञापन एजेंसी- एफसीबी के हरि कृष्णन, संचार रणनीति के सलाहकार कार्तिक श्रीनिवासन और स्वतंत्र रूप से विज्ञापन की दुनिया में सक्रिय अश्विन पी, आदि। इनमें से लगभग सभी लोगों को मानना है कि दिनशॉ के विज्ञापन में काम्बली को ऐसे दया के पात्र जैसा नहीं दिखाया जाना चाहिए था। काम्बली ने अपने जीवन में जो भी पाया या खोया है, वह अपनी वजह से। वह एक शानदार क्रिकेट खिलाड़ी रहे, जिन्हे कभी सचिन तेन्दुलकर से भी बेहतर बल्लेबाज माना जाता था। मगर वह अपनी स्वभावगत आदतों और शराब की लत की वजह से गुमनामी में चले गए। पारिवारिक जीवन उनका छिन्न-भिन्न हो गया। आर्थिक तंगी इतनी हो गई कि गंभीर बीमारी में इलाज के लिए उन्हें दूसरों से आर्थिक मदद माँगनी पड़ रही है। इस सब के जिम्मेदार वह खुद हैं। उनके साथ किसी ने कोई अन्याय नहीं किया है। इसके बावजूद विज्ञापन में उन्हें ऐसे दिखाया गया है, जैसे उनके साथ भेदभाव हुआ हो। दूसरी बात- बहुत से नए उभरते खिलाड़ियों ने, जिन्होंने अब तक काम्बली का नाम भी नहीं सुना था, वे यह विज्ञापन देखकर उनके बारे में अधिक जानने की कोशिश कर रहे हैं। इन्टरनेट खँगाल रहे हैं। इसके नतीजे में उन्हें मिल क्या रहा है? बेहद दुखद कहानी और सफलता से असफलता का निराशाजनक सफर। सोचिए, यह देखकर उन युवा खिलाड़ियों के दिमाग पर क्या असर पड़ता होगा?
हालाँकि दिनशॉ का यह विज्ञापन बनाने वाली कम्पनी ने वॉम्ब ने अपने इस अभियान का बचाव किया है। दिनशॉ ने भी यही किया है। इन दोनों का कहना है, “इस विज्ञापन के पीछे हमारा इरादा एकदम नेक है। नीयत साफ है। इसीलिए हमें और विज्ञापन को चौतरफा सराहना भी मिल रही है। काम्बली को भी इस नए रूप में देखकर लोग खुश हो रहे हैं। उनके लिए दिल से दुआ कर रहे हैं।” मगर अब आप बताइए, दोनों में सही कौन है?
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